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जनवरी, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

प्रेमचंद के फटे जूते

  प्रेमचंद का एक चित्र मेरे सामने है, पत्नी के साथ फ़ोटो खिंचा रहे हैं. सिर पर किसी मोटे कपड़े की टोपी, कुरता और धोती पहने हैं. कनपटी चिपकी है, गालों की हड्डियां उभर आई हैं, पर घनी मूंछें चेहरे को भरा-भरा बतलाती हैं. पांवों में केनवस के जूते हैं, जिनके बंद बेतरतीब बंधे हैं. लापरवाही से उपयोग करने पर बंद के सिरों पर की लोहे की पतरी निकल जाती है और छेदों में बंद डालने में परेशानी होती है. तब बंद कैसे भी कस लिए जाते हैं. दाहिने पांव का जूता ठीक है, मगर बाएं जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अंगुली बाहर निकल आई है. मेरी दृष्टि इस जूते पर अटक गई है. सोचता हूं-फ़ोटो खिंचवाने की अगर यह पोशाक है, तो पहनने की कैसी होगी? नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी-इसमें पोशाकें बदलने का गुण नहीं है. यह जैसा है, वैसा ही फ़ोटो में खिंच जाता है. मैं चेहरे की तरफ़ देखता हूं. क्या तुम्हें मालूम है, मेरे साहित्यिक पुरखे कि तुम्हारा जूता फट गया है और अंगुली बाहर दिख रही है? क्या तुम्हें इसका ज़रा भी अहसास नहीं है? ज़रा लज्जा, संकोच या झेंप नहीं है? क्या तुम इतना भी नहीं जानते कि धोती को थोड़ा न...

Why Nathuram Godse Assassinated Mahatma Gandhi| गोडसे ने गांधी को क्यों मारा

मोहनदास करमचंद गांधी जिन्हे हम सभी महात्मा गांधी के नाम से भी जानते हैं। यह एक नाम भारतीय स्वंत्रता संग्राम एवं भारतीय राजनीति में एक पूरे युग को प्रदर्शित करता है। गांधीजी की अहिंसा, उनका अपनी बात मनवाने का निराला ढंग, एवं अंग्रेजों के साथ उनकी बातचीत करने का सकारात्मक तरीका उन्हें उनके साथ के अन्य राजनीतिक व्यक्तित्वो से कहीं आगे खड़ा करता है। गांधी जी का भारतीय राजनीति में इतना गहरा प्रभाव था की आम भारतीय जनमानस जो अंग्रेजों के अत्याचारों से त्रस्त हो चुका था, जहां साधारण मानसिकता के लोग हिंसा के बदले हिंसा को प्राथमिकता देते हैं। वही गांधी जी के कहने मात्र से अहिंसा के पथ पर चल रहे थे। गांधीजी के आंदोलनों ने एक राष्ट्र के रूप में भारत को सम्मिलित किया एवं तात्कालिक समाज को यह बता दिया कि क्रांति का उद्देश्य केवल रक्तपात करना नहीं होता। क्रांति चुपचाप विरोध करके भी की जा सकती है। ऐसे महान विचारों वाले, ऐसे महान आदर्शों वाले महात्मा गांधी को 30 जनवरी 1948 में हत्या करके मार डाला गया। लेकिन Gandhiji की हत्या करने के क्या कारण रहे होंगे? क्या गांधी जी की हत्या केवल इस उद्देश्य से...

Remembering The Legendry Leader LALA LAJPAT RAI | कांग्रेस का वो फायर ब्रांड नेता जिसकी हत्या ने भारतीय राजनीति में भगत सिंह नाम का तूफान खड़ा कर दिया

कल्पना कीजिए आप किसी गंभीर उद्देश्य के प्राप्ति के लिए होने वाली सभा का हिस्सा हैं, आपके साथ-साथ पूरे देश के नामी-गिरामी राजनेता क्रांतिकारी एवं कई महान हस्तियां बैठी हुई है पूरे हफ्ते चली इस मंत्रणा के बाद जब अध्यक्षीय भाषण का वाक्य आया तब अध्यक्ष महोदय अपने सभी साथियों को बरसाती मेंढक कह दें, और यह कहे कि साल में एक बार ऐसे टर्राने से कुछ होने वाला नहीं है। 7 दिनों तक चली उस सभा का क्या हाल रहा होगा? भारत की आजादी के कई बड़े चेहरों में कुछ नाम इतने बड़े हो जाते हैं कि उनके बारे में अदब तो क्या अपने जीवित होने का प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए भी लोग तैयार रहते हैं।  भारत की राजनीति में किसी राजनेता का कद कितना बड़ा हो सकता है? क्या वह एक ऐसा व्यक्ति हो सकता है जो सत्ता के शीर्ष पर बैठे? क्या वह एक ऐसा व्यक्ति हो सकता है जो संपूर्ण राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोए? क्या वह व्यक्ति एक ऐसा व्यक्ति हो सकता है जो भारतीय आजादी का रुख ही मोड़ दे? लाला लाजपत राय वह व्यक्ति थे जिनकी हत्या ने भारतीय राजनीति में भगत सिंह नाम का तूफान लाया था। अंग्रेजों को लाला लाजपत राय की हत्या कितनी महंगी ...