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Suicide Fruiting

इस साल बाज़ार में जितने जामुन दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले दो दशकों में कभी नहीं देखे। ​जामुन के अक्षरशः ढेर लग रहे हैं (नीचे गिर रहे हैं)। जिन पेड़ों पर पिछले साल इक्का-दुक्का फल आए थे, वे पेड़ भी इस बार जामुन से पटे पड़े हैं। जहाँ फल आए थे, वहाँ अब उन का अंबार लगना शुरू हो गया है। ​आखिर यह सब क्या चल रहा है? ​हमारी दादी/नानी हमेशा कहती थीं कि, "जिस गर्मियों में जामुन के ऐसे ढेर लगते हैं, उस साल सूखा पड़ता है।" ​बुजुर्गों का यह पारंपरिक ज्ञान वनस्पति विज्ञान (Botany) के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बिल्कुल सही और सटीक है। विज्ञान में इस दिलचस्प और उतनी ही चौंकाने वाली प्रक्रिया को "मास्टिंग" (Masting) या "स्ट्रेस फ्रूटिंग" (Stress Fruiting) कहा जाता है। ​पेड़ों द्वारा खुद को खत्म करके ज्यादा से ज्यादा फल देने के इस आखिरी प्रयास को कभी-कभी "सुसाइड फ्रूटिंग" (Suicide Fruiting) या "बंपर क्रॉप" भी कहा जाता है। ​यह असल में क्या है और इसके पीछे का विज्ञान क्या कहता है, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं: ​१. 'सर्वाइवल इंस्टिंक्ट' (अस्ति...

Why "Gaya" is so sacred in Hinduism? हिंदू धर्म में "गया" इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है?

Why "Gaya" is so sacred in Hinduism? हिंदू धर्म में "गया" इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है? Why Gaya is so famous? वायु पुराण के अनुसार, गयासुर एक विशाल शरीर वाला एक असुर था, जो कि एक पौराणिक कथा के अनुसार कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैला हुआ था, जिसका दिल बिहार के गया में पड़ा था (यदि वह लेट गया)। गयासुर ने भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या की। उसके तप से डरे हुए देवता ब्रह्मा के पास गए, शिव और विष्णु और विष्णु अंत में गयासुर के पास जाने और उसे वरदान देने के लिए तैयार हो गए। गयासुर ने अपने शरीर को सबसे शुद्ध और शुद्ध होने के लिए कहा और भगवान ने उसे ऐसा आशीर्वाद दिया। गयासुर का शरीर अपने आप में एक तीर्थ बन गया और तीनों लोकों के पुण्य लुप्त होने लगे। इससे परेशान होकर ब्रह्मा ने गयासुर से अपने शरीर पर यज्ञ करने को कहा और यज्ञ के लिए उसके शरीर को यज्ञ के रूप में मांगा। गयासुर खुशी-खुशी राजी हो गया और उसने अपना शरीर त्याग दिया। कुछ सूत्रों के अनुसार, उनके हृदय पर यज्ञ किया गया था और ऐसा भव्य यज्ञ करने के लिए ब्रह्मा ने अग्निशर्मा सहित कई ऋषियों की रचना की। कुछ सूत्र...

क्या है ग्रीष्म नवरात्र एवं शरद नवरात्र का मुख्य अंतर| The Real Story Of Navratri|

The Real Story Of Celebrating Navratri Devi Durga नवरात्रि शुरू हो चुके हैं। आप में से कई सारे लोगों ने। आदि शक्ति मां दुर्गा जी को पसंद करने के लिए उपवास भी रखे होंगे। लेकिन क्या आप शरद नवरात्रि एवं ग्रीष्मकालीन नवरात्रि के अंतर के बारे में जानते हैं? यदि नहीं तो हम आपके ब्लॉग में आप की यह जिज्ञासा भी पूर्ण कर देंगे। ब्लॉग को अंत तक अवश्य पढ़िएगा, क्योंकि तभी आपको यह पता लगेगा कि ग्रीष्मकालीन नवरात्र एवं शीतकालीन नवरात्र का मुख्य अंतर क्या है। पूर्व के काल में देवताओं एवं राक्षसों के बीच महायुद्ध हुआ था। महिषासुर के पिता रंभ, समुद्र मंथन के पश्चात हुए अन्याय से देवताओं से क्रोधित थे। उन्होंने कई बार स्वर्ग पर आक्रमण किया परंतु हर बार वे परास्त ही होते रहे। कुछ समय के बाद असुर राज रंभ और उनकी पत्नी महिषी से एक बालक का जन्म हुआ। जन्म के पश्चात ही उस उस बालक की चीख से भयंकर शोर हो रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे हजारों भैंसें एक साथ चीख रहे हो। इसीलिए उन्होंने उस बालक का नाम महिषासुर रखा इसका अर्थ होता है- जिसका स्वर महिष अर्थात भैंसे की तरह हो। महिषासुर धीरे-धीरे बड़ा होने लगा और उसने ...