इस साल बाज़ार में जितने जामुन दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले दो दशकों में कभी नहीं देखे। जामुन के अक्षरशः ढेर लग रहे हैं (नीचे गिर रहे हैं)। जिन पेड़ों पर पिछले साल इक्का-दुक्का फल आए थे, वे पेड़ भी इस बार जामुन से पटे पड़े हैं। जहाँ फल आए थे, वहाँ अब उन का अंबार लगना शुरू हो गया है। आखिर यह सब क्या चल रहा है? हमारी दादी/नानी हमेशा कहती थीं कि, "जिस गर्मियों में जामुन के ऐसे ढेर लगते हैं, उस साल सूखा पड़ता है।" बुजुर्गों का यह पारंपरिक ज्ञान वनस्पति विज्ञान (Botany) के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बिल्कुल सही और सटीक है। विज्ञान में इस दिलचस्प और उतनी ही चौंकाने वाली प्रक्रिया को "मास्टिंग" (Masting) या "स्ट्रेस फ्रूटिंग" (Stress Fruiting) कहा जाता है। पेड़ों द्वारा खुद को खत्म करके ज्यादा से ज्यादा फल देने के इस आखिरी प्रयास को कभी-कभी "सुसाइड फ्रूटिंग" (Suicide Fruiting) या "बंपर क्रॉप" भी कहा जाता है। यह असल में क्या है और इसके पीछे का विज्ञान क्या कहता है, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं: १. 'सर्वाइवल इंस्टिंक्ट' (अस्ति...
सिखों का खालिस्तानी अभियान क्या है? Everything about KHALISTAN MOVEMENT 1984, Details about Khalistani movement, Blogpost by Abiiinabu
सिखों का खालिस्तानी अभियान क्या है? Everything about KHALISTAN MOVEMENT 1984, Details about Khalistani movement महीनों से चले आ रहे किसान आंदोलन ने विगत 26 जनवरी को हिंसक रूप ले लिया। जिसमे किसानों ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर लहरा रहे राष्ट्रध्वज को उतर कर उसकी निशान साहिब वाले खालिस्तानी झंडे को फहरा दिया। किसानों की ट्रैक्टर रैल्ली अपने रस्ते से भटक गई और अराजक तत्वों ने लाल किले की हिंसा को अंजाम दिया। भीड़ ने पुलिस के साथ भी हिंसा की। क्या है खालिस्तान ? क्या है पूरी कहानी? आज के इस पोस्ट में हम आपको बतायेंगे। तो तैयार हो जाइये इस नॉलेज से लबालब भरी इस डोज़ के लिए - Khalistan क्या है ? खालिस्तान , जिसका शाब्दिक अर्थ है - पवित्र स्थान। जिसको पंजाब माना गया है। यह सिखों का एक राष्ट्रवाद आंदोलन है जिसका उद्देश्य था , अखंड भारत के पंजाब राज्य ( वर्तमान भारत एवं पकिस्तान , दोनों के पंजाब प्रान्त का संयुक्त र...