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जून, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कर्म फल तो भोगना ही पड़ेगा

 महाभारत के भयंकर नरसंहार के बाद पुत्र-वियोग में तड़पती गांधारी जब श्रीकृष्ण को शाप देने के लिए आगे बढ़ती हैं, तब श्रीकृष्ण शांत स्वर में कहते हैं— माते!  मैं शोक, मोह और पीड़ा—इन सबसे परे हूँ, न मुझे विजय का गर्व है, न पराजय का विषाद, न मुझे सम्मान बाँधता है, न अपमान। न जीवन, न मृत्यु—किसी में मैं आबद्ध नहीं हूँ। मैं न सत्य में बँधा हूँ, न असत्य में.. काल और महाकाल—दोनों मेरे अधीन हैं; मैं उन्हीं के माध्यम से अपने कार्य सिद्ध कराता हूँ। हे माता, यह युद्ध अवश्यम्भावी था। जो चले गए हैं, उनके लिए विलाप मत करो। जो शेष हैं—उन्हें स्वीकारो। वर्तमान को अपनाओ, क्योंकि अतीत का शोक ही दुख का मूल है.. कृष्ण की वाणी सुनकर गांधारी विलाप करती हुई कह उठती हैं.. कृष्ण…! तुम यह सब कह सकते हो, क्योंकि तुम माँ नहीं हो। तुम क्या जानो एक माँ की ममता क्या होती है? तुम क्या समझो पुत्र-शोक की असहनीय पीड़ा? तुम मोह-त्याग और ज्ञान की बातें करते हो, तो जाओ—अपनी माता देवकी से पूछो कि पुत्र-वियोग क्या होता है! पूछना उनसे— कैसा लगता था जब कंस एक-एक कर उसके कलेजे के टुकड़े छीन लेता था.. जब उसका दूध उतरता थ...

Democracy is in Danger!!! A blogpost by Abiiinabu

 Democracy is in Danger!! लोकतंत्र खतरे में है !!! यह हमारे देश की विडम्बना है कि तमिलनाडु के रामेश्वरम की धनुषकोटि में एक नाव चलाने वाले का एक बेटा लोकतंत्र की बदौलत देश की नैया का खवैया बनता है, और उसी बेटे की पुण्यस्मृति में आयोजित कई कार्यक्रमों में अचानक से यह कहा जाने लगा कि लोकतंत्र खतरे में है। पहले उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश और अब भूतपूर्व उप राष्ट्रपति अचानक से चेते और एक असंवैधानिक कदम उठाते हुए सभी को बोलने लगे कि लोकतंत्र विफल हो चुका है , इस देश में लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है और लोकतंत्र अपने जीवन की अंतिम श्वाँसों को बड़ी ही अधीरता से गिन रहा है। पाठकों इस घटना ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया। यह घटना एक तमाचा थी मेरे जैसे उस प्रत्येक देशवासी के मुँह पर जो यह सोचता था कि भारत विश्व का सबसे बड़ा और शानदार लोकतंत्र है जो हर विभाग में दुनिया की महाशक्तियों को बड़ी टक्कर दे रहा है। उस तमाचे से हृदय में एक ऐसी पीड़ा ह...

Harry Potter, Hagrid and Father's Day, a blogpost by Abiiinabu

       जो लोग हैरी पॉटर को जानते हैं, उनके लिए एक सवाल है और जो लोग  हैरी पॉटर को नहीं जानते तो या तो वो 90 के दशक से पहले पैदा हुए हैं या वो इस दुनिया के नहीं हैं। तो वो लोग पहले किताब पढ़ लें, या अगर ये कठिन काम लग रहा हो तो काम से काम मूवीज तो देख ही लें, नहीं तो शायद मामला ऊपर से चला जाये और मैं ये कतई नहीं चाहता कि पूरी रामायण ख़तम होने के बाद आप मुझसे पूछने कि सीता किसका बाप था ( खीं खीं खीं)।  हाँ तो बात ये हैं कि जे के रोलिंग कि लिखी हैरी पॉटर की  सात किताबों के बाद एक और किताब आई थी जिसका नाम था cursed child।  उसमे एक बात पता चली कि हैरी पॉटर ने हॉगवर्ड्स की लड़ाई के बाद जेनी से शादी कर ली थी और उसके तीन बच्चे हुए।  यहाँ तक सब ठीक है, लेकिन नाम मुझे ऐसे लगे जैसे हैरी पॉटर पता नहीं क्यों ये भूल गया कि उसकी लाइफ में कई लोगों के बीच कुछ ऐसे भी लोग थे जो उसपर भरोसा करते थे। बच्चों के नाम रखे गए थे जेम्स सेरियस पॉटर, एल्बस सेवेरस पॉटर और लूना लिली पॉटर।  शायद इन लोगों का हैरी कि जिंदगी पर व्यापक प्रभाव था।  जेम्स, हैरी के प...

पैसा बड़ा या सोच? How to think big and positive by Abiiinabu

 पैसा बड़ा या सोच? How to think big and positive by Abiiinabu अभी थोड़ी देर पहले ही एक किताब पढ़ रहा था। पढ़ क्या रहा था, ये समझ लो चाट रहा था (literally नहीं लेना है)।  पढ़ते पढ़ते कई चीज़ें सामने आईं, कई मुद्दे सामने आये, कई समाधान भी आये दिमाग में, सो सोचा बता दूँ आप लोगों को भी।  वैसे तो मैं फिक्शन पढ़ने का बहुत शौक़ीन हु लेकिन लाइफ रिलेटेड बुक्स पढ़ कर काफी अच्छा लगने लगा है।  वो इसलिए की जो ये किताबें कहती हैं, वो सब हमको पहले से मालूम है।  लेकिन क्या आप लोगों को मालूम है ? ज़िन्दगी में कई बार हम ऐसी जगह खुद को खड़ा पते हैं जहां हमको बेबसी और लाचारी महसूस होने लगती है। और मैंने खुद ये अनुभव किया है कि किताबें सच में हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं।  क्यूंकि वो हमको कभी छोड़ कर नहीं जा सकतीं।        इंसान की ज़िन्दगी में सबसे ज़्यादा महत्तव क्या रखता है ? जब पापा ने मुझसे पूछा तो मैंने हस कर लापरवाही से कहा " पैसा "।  बदले में पापा भी मुस्कुराये लेकिन बाद में समझाते हुए बोले, ज़िन्दगी में सबसे ज़्यादा ज़रूरी अगर कुछ है तो वो है "इंसान की सोच "।...