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The Metamorphosis book review

समाज लोगों से प्यार तब तक करता है, जब तक वे उसके लिए उपयोगी रहते हैं।   और जैसे ही कोई व्यक्ति उपयोगी होना बंद कर देता है—उसका अस्तित्व भी असहज हो जाता है।   यही वास्तविक भयावहता है काफ्का के "द मेटामॉर्फोसिस" की। ग्रेगर साम्सा रातों‑रात कोई राक्षस नहीं बन जाता।   वह बस एक ऐसा इंसान बन जाता है जो अब काम नहीं कर सकता, कमाई नहीं कर सकता,   परिवार की उम्मीदों को पूरा नहीं कर सकता,   और समाज की उस "सामान्य" दुनिया में फिट नहीं बैठता जो हम सबको थोप देती है।   और अचानक—   उसका अपना कमरा छोटा लगने लगता है,   घर की बातचीत में ठंडक घर कर जाती है,   और वही परिवार जिसने कभी उस पर अपेक्षाएँ और निर्भरता रखी थी,   धीरे‑धीरे उसके बिना जीना सीख जाता है।   काफ्का हमें दिखाते हैं कि   समाज अक्सर मानवता की कीमत नहीं,   बस उत्पादकता की कीमत चुकता है।   जैसे ही कोई व्यक्ति कमज़ोर होता है, बेरोज़गार होता है,   दुखी, अलग, टूटा हुआ—   तो वह बस एक बोझ बन जाता है।   किसी इंसान की जगह एक “समस्या” बन जाता है।   यह सच्चाई हम आ...

National Mathematics Day 2021 - Remembering S. Ramanujan, The Man who knew ' The Infinity'

National Mathematics Day 2021 - Remembering S. Ramanujan , The man who knew 'The Infinity' The Man Who Knew The Infinity 22 दिसंबर को महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य में भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में चिह्नित किया गया है-जो देश में सभी चीजों में  गणित का चेहरा बने हुए हैं.  पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आधिकारिक घोषणा के बाद 2012 में पहला राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया । S. Ramanujan  भारत का अपना जीनियस 1887 में भारत की अपनी प्रतिभा, रामानुजन का जन्म तमिलनाडु के इरोड में हुआ था. और बच्चे होने के बाद से ही उनके पास गणित के लिए एक कुशाग्रता थी, लेकिन माध्यमिक विद्यालय में ही रामानुजन ने खुद की क्षमता और गणित के अनुशासन को समझा। स्कूल स्तर के गणित में महारत हासिल करने के बाद अपनी उम्र के एक छात्र की उम्मीद की सीमा को पार करते हुए रामानुजन को फिर कुंभकोणम के गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज में स्कॉलरशिप मिली । हालांकि, यह आदमी मैथ्स का इतना जुनूनी था कि वह अपने कोर्सवर्क के हर दूसरे सब्जेक्ट वाले हिस्से को फेल कर गया । इस वजह से उनकी दावेद...

Padma Shri goes to ex-Pak soldier who helped India liberate Bangladesh|जानिये पाकिस्तानी सैनिक को क्यों दिया गया पदमश्री

 Padma Shri goes to Ex-Pak soldier who helped India liberate Bangladesh| जानिये पाकिस्तानी सैनिक को क्यों दिया गया पदमश्री  लेफ्टिनेंट कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर एक पूर्व पाकिस्तानी सैनिक हैं, जिन्होंने भारत को पार कर अपनी जान जोखिम में डालकर 1971 युद्ध में बांग्लादेश को आजाद कराने में मदद की. Padma Shri goes to the ex-Pak soldier who helped India liberate Bangladesh.  जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया, तो प्राप्तकर्ताओं में से एक लेफ्टिनेंट कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर -एक पूर्व पाकिस्तानी सैनिक थे, जिन्होंने भारत को पार करके अपनी जान जोखिम में डाल दी और 1971 युद्ध में बांग्लादेश को आजाद कराने में मदद की।  हालांकि लेफ्टिनेंट कर्नल जहीर का नाम काफी हद तक उन सभी वर्षों पहले (सैन्य व्यवसाय की गोपनीय प्रकृति के कारण) रडार के नीचे चला गया था, लेकिन उन्हें इस सप्ताह सुर्खियों में डाल दिया गया था, जब पद्मश्री प्राप्त करने के लिए मंच पर कदम रखा गया था, जो भारतीय खुफिया और बाद में बांग्लादेश स्वतंत्रता आंदोलन...

पद्म पुरस्कार 2021| पदम पुरस्कार का इतिहास All about Padam Awards

पद्म पुरस्कार 2021| पदम पुरस्कार का इतिहास All about PADAM AWARDS | 2021 पदम पुरस्कार भारत सरकार द्वारा हर वर्ष गणतंत्र दिवस यानी कि 26 जनवरी की पूर्व संध्या पर दिए जाते हैं। यह पुरस्कार भारत में तीन श्रेणियों में दिया जाता है पदम विभूषण, पदम भूषण और पद्मश्री । यह पुरस्कार देश में व्यक्ति विशेष द्वारा किए गए असाधारण और विशिष्ट सेवा उच्च क्रम की सेवा और प्रतिष्ठित सेवा में अतुलनीय योगदान देने के लिए दिया जाता है। Padam Awards किसके द्वारा दिया जाता है पदम पुरस्कार? पदम पुरस्कार हर साल पदम पुरस्कार समिति द्वारा की गई सिफारिश के आधार पर प्रदान किए जाते हैं। यह समिति हर साल प्रधानमंत्री द्वारा तैयार की जाती है। कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को पदम पुरस्कार के लिए नामांकित कर सकता है साथ ही साथ वह खुद के लिए भी नामांकन दाखिल कर सकता है। पदम पुरस्कारों   का इतिहास पदम पुरस्कार जो 1954 में स्थापित किए गए थे, हर साल दिए जाते हैं। विशेष अवसरों जैसे 1978, 1979 और 1993 से 1997 को छोड़ दिया जाए तो पदम पुरस्कार लगभग हर साल प्रदान किए गए हैं। आजादी के बाद भारत सरकार ने समाज में उत्कृष्ट से...

Elon Musk दूर करेंगे दुनिया की भूख| Elon Musk to remove World Hunger Problem

Elon Musk दूर करेंगे दुनिया की भूख| Elon Musk to remove World Hunger Problem 300Billion $ की संपत्ति के बाद Elon Musk जी हां, आपने सही पड़ा। दुनिया का सबसे अमीर आदमी पूरी दुनिया से भुखमरी को खत्म करने के लिए आगे आ चुका है। एलन मस्क ने कहा है कि यदि उन्हें वर्ल्ड फूड प्रोग्राम एक ऐसा प्लान बता दे जिसकी वजह से 6 बिलियन डॉलर में पूरी दुनिया में से भुखमरी खत्म हो जाएगी तो वह निश्चित तौर पर ऐसा करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेरी और पैसे की आवश्यकता होगी तो वह अपनी टेस्ला की हिस्सेदारी भी बेच देंगे। Elon Musk दूर करेंगे दुनिया की भूख: क्या है पूरा मामला? अभी कुछ दिनों पहले ही टेस्ला कंपनी के सह संस्थापक और अमेरिका के उद्योगपति एलन मस्क दुनिया के सबसे अधिक संपत्ति वाले व्यक्ति बन गए। उनकी कुल संपत्ति 300 बिलियन डॉलर के पार चली गई। इतनी संपत्ति पाकिस्तान जैसे देश की पूरी जीडीपी से भी ज्यादा है। ईश्वर बधाई देते हुए वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने एक ट्वीट किया कि यदि एलोन मस्क चाहे तो उनकी पूरी आए का केवल 2% भाग से पूरी दुनिया से भुखमरी हटाई जा सकती है। जिसके जवाब में एलोन मस्क ने कहा कि यदि ...

India's first Vertical Lift Sea Bridge| All about New Pamban Railway Bridge

India's first Vertical Lift Sea Bridge| All about New Pamban Railway Bridge Old Pumban Bridge      पम्बन पुल तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित है जो सचमुच भारत का दक्षिणपूर्वी सिरे है। रामेश्वरम अपने आप में एक द्वीप है और यह इस सदी पुराने समुद्री पुल के माध्यम से भारत की मुख्य भूमि से जोड़ता है । यह पुल रामेश्वरम बस स्टैंड से 14.8 किमी दूर स्थित है। आप सरकारी बसों या निजी वाहनों से पुल तक पहुंच सकते हैं। आप रामेश्वरम जाने के लिए या तो रेल मार्ग या सड़क मार्ग ले सकते हैं जो इसके समानांतर चलता है।      भारत देश का पहला  वर्टीकल लिफ्ट रेलवे सी ब्रिज तमिलनाडु के रामेश्वरम में बन रहा है। जिसका नाम पम्बन रखा गया है। दोहरे ट्रैक वाला यह पुल एक इंजीनियरिंग चमत्कार है। इस पुल की लम्बाई 2.07 किमी है; जिसको आने वाले मार्च 2022 तक बना कर पूरा कर लिया जायेगा। यह पुल रामेश्वरम से धनुष्कोडी को जोड़ता है। यह पल पम्बन द्वीप को भारत की मुख्य भूमि से जोड़ेगा।  इसको पुराने पुल के स्थान के बदला जा रहा है। गैरतलब है कि पुराने पम्बन द्वीप को जोड़ने वाला पुल अ...

आखिर चाइना में क्यों चली गई है सब की बत्ती| China Crisis in China| Abiiinabu

आखिर China में क्यों चली गई है सब की बत्ती? चाइना इस समय अपने सबसे भीषण ऊर्जा उत्पादन संकट से जूझ रहा है। इस समय चीन में हालत यह है कि ट्रैफिक लाइट को दिया जाने वाला सिग्नल भी बंद कर दिया गया है। आम आदमी के घरों में दी जाने वाली बिजली की सप्लाई न्यूनतम कर दी गई है, और रात के अलावा दिन में केवल आपातकालीन सेवाओं को ही बिजली का उपभोग करने की अनुमति है। आखिर चीन में ऐसा क्यों हो रहा है, आइए जानते हैं- Energy Crisis in China :  क्या चल रहा है China में? भारत का पड़ोसी मुल्क चीन इस समय अपने ऊर्जा की कमी से जूझ रहा है। कई बड़ी-बड़ी कंपनियां शट डाउन कर दी गई हैं एवं कई जगह ट्रैफिक लाइटों में भी बिजली नहीं दी जा रही है। यहां तक कि आम आदमी के घर में भी बिजली का उपभोग न्यूनतम रखने की आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान चीन के विभिन्न उत्पादक क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महत्वपूर्ण स्थान की हानि के साथ होगा, जिसका खामियाजा चीन के साथ साथ बाकी के सभी देशों को भी भरना पड़ेगा। China Energy Crisis चीन इस समय दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यदि यह अर्थव्यवस्था ब...

All About Nobel Awards in Hindi| Nobel Prize History in Hindi| Nobel Prize 2021 in Hindi

All About Nobel Awards in Hindi| Nobel Prize History in Hindi| Nobel Prize 2021 in Hindi नोबेल पुरस्कार आधुनिक दुनिया में विषय विशेष पर दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान एवं पुरस्कार है। यह पुरस्कार स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में दिया जाता है। जिनका जन्म 21 अक्टूबर 1835 को हुआ था एवं मृत्यु 10 दिसंबर 1896 को हुई थी। उनकी पुण्यतिथि पर उनको सम्मान देते हुए 10 दिसंबर को ही नोबेल पुरस्कारों का वितरण किया जाता है। Alfred Nobel अलफ्रेड नोबेल स्वीडन के प्रख्यात वैज्ञानिक थे। उन्होंने अपने जीवन काल में 355 पेटेंट अपने नाम कराए। जिसमें डायनामाइट भी शामिल था। डायनामाइट उस समय सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक था। क्योंकि डायनामाइट से पहले सारे विस्फोटक पदार्थ तरल होते थे। जिन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना, अत्यंत कठिन एवं साथ ही साथ बेहद हानिकारक भी होता था। Dynamite डायनामाइट की बिक्री करके सर अल्फ्रेड नोबेल ने तकरीबन 265 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति नोबेल फाउंडेशन में दान की थी। Norwegian Parliament नोबेल फाउंडेशन को बनाने की बात उन्होंने अपनी वसीयत में ही लिख दी थी...

कहानी AIR INDIA के TATA से TATA तक के सफर की| A blogpost by Abiiinabu

कहानी AIR INDIA के TATA से TATA तक के सफर की... अभी हाल ही में भारत सरकार ने Air India को 60 हजार करोड़ के कर्ज़ से छुटकारा पाने के लिए नीलाम कर दिया। जिसे Tata Sons ने 18000 करोड़ की कीमत देकर खरीद लिया जिसके बाद रतन टाटा के एक इंस्टाग्राम पोस्ट की बहुत चर्चा हो रही है। जिसमें उन्होंने यह कहा है कि Airline का टाटा में फिर से स्वागत है।  कहानी AirIndia की... Air India Air Line, मूलतः टाटा की एयरलाइन थी। जिसे भारत सरकार ने राष्ट्रीयकृत करके इसको अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया था। एयर इंडिया का वापस टाटा ग्रुप में जाना टाटा परिवार के लिए एक भावुक लम्हा है। आज हम आपको एयर इंडिया के टाटा से वापस टाटा के तक के सफर को सुनाएंगे।  क्या आप जानते हैं J.R.D. Tata भारत के पहले ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें फ्लाइंग सर्टिफिकेट यानी कि हवाई जहाज उड़ाने की क्षमता का सर्टिफिकेट प्रदान किया गया था। जब J R.D. Tata मात्र 25 साल के थे, तब उन्होंने यह प्राप्त कर लिया था, और उसके बाद वह पहले ऐसे व्यक्ति बने जो भारत की प्लेन को विदेशों तक ले गए। उन्होंने ही टाटा एवियशन सर्विसेज की स्थापना करके, भार...

All About Indian Airforce Day 2021| भारतीय वायुसेना दिवस 2021| All details in Hindi

 All About Indian Airforce Day 2021| भारतीय वायुसेना दिवस 2021| All details in Hindi भारतीय वायु सेना का बहुप्रतीक्षित आयोजन, जो भारतीय वायु सेना दिवस समारोह है, जो आठ अक्टूबर को शुरू हुआ था, सुबह 8.०० बजे शुरू होता है । हमारे देश के उड़ान नायक हमें उनके अद्भुत उड़न कौशल के साथ मंत्रमुग्ध कर देगा, और हमें उन पर गर्व महसूस होगा। भारतीय वायु सेना दिवस इन गुमनाम नायकों के निस्वार्थ योगदान की याद दिलाता है और हमें यह महसूस कराता है कि उनकी वजह से हम एक सुरक्षित दुनिया में रह रहे हैं । यह वर्ष भारतीय वायु सेना की 89 वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। भारतीय वायु सेना दुनिया में चौथी सबसे बड़ी और शक्तिशाली वायु सेना का है। भारत इस दिन को भारतीय वायु सेना के लिए श्रद्धांजलि और राष्ट्र के प्रति अपने साहस और पराक्रम के प्रदर्शन के रूप में मना रहा है । INDIAN AIR FORCE DAY HISTORY| भारतीय वायुसेना दिवस का इतिहास 1932 में भारतीय वायु सेना को आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स की सहायक सेना के रूप में बनाया गया था। अप्रैल 1933 में पहली ऑपरेशनल स्क्वाड्रन शुरू की गई। 1940 के दशक ...

अफगानी तालिबान एवं ISIS के झंडों पर आखिर लिखा क्या होता है? What is written on New flag of Afghanistan & ISIS flag? A blogpost by Abiiinabu

अफगानी तालिबान एवं ISIS के झंडों पर आखिर लिखा क्या होता है? What is written on New flag of Afghanistan & ISIS flag? ISIS ke jhande pr kya likha hota hai? जिहाद के काले झंडे ISIS , ALQEIDA और कई अन्य इस्लामिक चरमपंथी संगठनों द्वारा समय-समय पर प्रदर्शित किए जाते हैं, और युद्ध के समय पर प्रदर्शित किए जाते रहे हैं। लेकिन यही झंडे बाहर की दुनिया में एक अजीब खौफ और उत्सुकता भी पैदा करते रहे हैं. इस्लामिक ध्वज, उसका रंग, उसकी भाषा, उसके निशान और यहां तक कि झंडों के ऊपर लिखी धार्मिक सूक्तियां भी बाहरी दुनिया को अपनी और आकर्षित करने में सफल रही हैं। Isis Flag       लेकिन यह चरमपंथी संगठन जिस ध्वज का प्रदर्शन करके चरमपंथ की नई परिभाषा एवं कट्टरवाद को प्रदर्शित करते रहे हैं उसका इतिहास उसके वर्तमान परिपेक्ष से बिल्कुल जुदा है। इतिहास को जानने वाले यहां तक कहते हैं कि इस झंडे का उपयोग केवल व्यक्तिगत चरमपंथ को बढ़ावा देने, एवं स्वार्थ सिद्धि के लिए ही अधिकतर हुआ है। आतंकवादी संगठन इसे अपने तरीके से तोड़ मरोड़ कर पेश करते हैं और केवल अपने स्वार्थ के लिए इसका उपयोग करते हैं यह...

Is Amazon becoming East India Company 2.0? क्या अमेज़न भारत को औपनिवेश बनाना चाहती है? A blogpost by Abiiinabu

Is Amazon  becoming East India Company 2.0  ? क्या अमेज़न भारत को औपनिवेश बनाना चाहती है? Is Amazon becoming East India Company 2.0? भारत में E-commerce Market का इतना बड़ा बिजनेस होने के कारण कहीं ई-कॉमर्स कंपनियां भारत को अपनी संपत्ति से उपनिवेश तो नहीं बना पाएंगी। भारत; जो हाल ही में उपनिवेशवाद के दमनकारी चक्र से बाहर निकला है, क्या फिर से व्यापार के जरिए औपनिवेशिक संस्था बनने की राह पर तो नहीं है?      आप सब को यह तो मालूम ही होगा कि वर्ष 1600 में स्थापित East India Company पहले तो भारत में केवल व्यापार करने ही आई थी। लेकिन यहां की राजनीतिक उठापटक एवं कमजोर नेतृत्व के जरिए उसने यहां की राजनीतिक कमजोरी का फायदा उठाते हुए भारत को उपनिवेश के दमन चक्र में बांध कर रख दिया। जिसके कारण भारत ने विश्व भर में अपनी साख, अपना रसूख एवं सोने की चिड़िया होने का दंभ मात्र 200 सालों में इस कदर तक खोया कि आजादी के बाद यहां भूख से मरने वालों की संख्या करोड़ों में थी। आजादी के मात्र 75 सालों के अंदर अंदर एक और विदेशी कंपनी भारतीय लोगों को अपनी उपभोक्तावाद की नीति में इस कदर ...

कन्यादान या कन्यामान ? Alia Bhatt Controversy from Mohey Ad | A blogpost by Abiiinabu

कन्यादान या कन्यामान ? Alia Bhatt Controversy from Mohey Ad | A blogpost by Abiiinabu अभी हाल ही में हमने बहुत ही कंट्रोवर्शियल ऐड मोहे की तरफ से देखा, जिसमें भारतीय बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ट्रेडिशनल हिंदू वैल्यूस को टारगेट करते हुए उनको गलत तरीके से प्रदर्शित कर रही है। मोहे की तरफ से चलाए गए इस एक प्रोग्राम में भारतीय संस्कृति की कन्यादान परंपरा को गलत तरीके से पेश करती हुई नजर आ रही है। तो आज की इस पोस्ट में हम उस गलत एड की विवेचना और कन्यादान का सही मतलब आपको बताएंगे।           हिंदू धर्म में कन्यादान एक बहुत ही महत्वपूर्ण विवाह अनुष्ठान है। यह हजारों बलिदान के बराबर सबसे बड़ा पुण्य के रूप में माना जाता है. यही कारण है कि वे लोग, जिनकी स्वयं की कोई कन्या (पुत्री) नहीं होती, इस पुण्य को प्राप्त करने के लिए दूसरों की बेटियों का कन्यादान करके इस पुण्य को प्राप्त करते हैं। इस वैवाहिक अनुष्ठान की हिन्दू संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।            लेकिन पिछले कुछ महीनों से विभिन्न प्रकार की गलत धारणाएं, गलत जान...