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Indo China war when India defeated China

  1965 में सगत सिंह की जिद से नाथू-ला पर चीनियों का कब्जा नहीं हो पाया था, जिसके कारण भारतीय सेना को टैक्टिकल एडवांटेज मिली हुई थी। चीनी चाह कर भी आगे नहीं बढ़ सकते थे। चीनियों ने बंदूक की जगह लाउडस्पीकर का सहारा लिया। वे लाउडस्पीकर पर हिंदी और अंग्रेजी में भारतीय सैनिकों को 1962 की हार की याद दिलाते, उनके कपड़ों, कम सुविधाओं, कम वेतन को लेकर ताने मारते। कहते कि देखो, तुम्हारे अफसर तो मजे में एसी ऑफिसों में बैठे रहते हैं, और तुम्हें यहां मरने के लिए भेज दिया गया है।  सगत सिंह ने लाउडस्पीकर का जवाब लाउडस्पीकर से दिया। उन्होंने मैंडेरियन चाइनीज में रिकॉर्डेड मैसेज प्रसारित करने शुरू कर दिए। वो भी लगातार, लूप में।  बात इतनी ही होती तो कोई दिक्कत नहीं थी। पर चीनी जब-तब दौरे पर निकली छोटी फौजी टुकड़ियों (पेट्रोलिंग पार्टीज) से बदसलूकी करते। एक बार तो छिपकर उन्होंने गोली भी चला दी जिससे 17 असम राइफल्स के दो जवान मारे गए। सीमा निर्धारित तो थी नहीं। चीनियों का कहना था कि ये टुकड़ी चीनी क्षेत्र में घुस आई थी। सगत सिंह ने रोज-रोज की इस चिकचिक से परेशान होकर कोर्प्स कमांडर से बात की...

Lajja book by Tasleema Nasreen Review

  लज्जा: एक समीक्षा तसलीमा नसरीन का उपन्यास 'लज्जा' 1993 में प्रकाशित हुआ था और इसने तुरंत ही विवादों का बवंडर खड़ा कर दिया था। बांग्लादेश की पृष्ठभूमि पर आधारित यह उपन्यास, एक हिंदू परिवार के जीवन के माध्यम से, सांप्रदायिक हिंसा, धार्मिक कट्टरता, और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के गंभीर मुद्दों को उठाता है। यह समीक्षा 'लज्जा' के साहित्यिक, सामाजिक, और राजनीतिक पहलुओं का विश्लेषण करने का प्रयास है। कथावस्तु: उपन्यास की कहानी दत्ता परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो ढाका में रहता है। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद बांग्लादेश में फैली सांप्रदायिक हिंसा के दौरान, यह परिवार अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करता है। सुरंजन, किरणमयी, और उनके बच्चे, अपनी जान बचाने के लिए भागने को मजबूर हो जाते हैं। उपन्यास इस दौरान उनके द्वारा झेली गई पीड़ा, भय, और अनिश्चितता का मार्मिक चित्रण करता है। साहित्यिक पहलू: नसरीन की लेखन शैली सीधी और स्पष्ट है। वे बिना किसी लाग-लपेट के, हिंसा और उत्पीड़न के दृश्यों को चित्रित करती हैं, जो पाठक को झकझोर कर रख देता है। उपन्यास की भाषा सरल है, जो इसे व्यापक दर्शकों...