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Suicide Fruiting

इस साल बाज़ार में जितने जामुन दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले दो दशकों में कभी नहीं देखे। ​जामुन के अक्षरशः ढेर लग रहे हैं (नीचे गिर रहे हैं)। जिन पेड़ों पर पिछले साल इक्का-दुक्का फल आए थे, वे पेड़ भी इस बार जामुन से पटे पड़े हैं। जहाँ फल आए थे, वहाँ अब उन का अंबार लगना शुरू हो गया है। ​आखिर यह सब क्या चल रहा है? ​हमारी दादी/नानी हमेशा कहती थीं कि, "जिस गर्मियों में जामुन के ऐसे ढेर लगते हैं, उस साल सूखा पड़ता है।" ​बुजुर्गों का यह पारंपरिक ज्ञान वनस्पति विज्ञान (Botany) के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बिल्कुल सही और सटीक है। विज्ञान में इस दिलचस्प और उतनी ही चौंकाने वाली प्रक्रिया को "मास्टिंग" (Masting) या "स्ट्रेस फ्रूटिंग" (Stress Fruiting) कहा जाता है। ​पेड़ों द्वारा खुद को खत्म करके ज्यादा से ज्यादा फल देने के इस आखिरी प्रयास को कभी-कभी "सुसाइड फ्रूटिंग" (Suicide Fruiting) या "बंपर क्रॉप" भी कहा जाता है। ​यह असल में क्या है और इसके पीछे का विज्ञान क्या कहता है, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं: ​१. 'सर्वाइवल इंस्टिंक्ट' (अस्ति...

पैसा बड़ा या सोच? How to think big and positive by Abiiinabu

 पैसा बड़ा या सोच? How to think big and positive by Abiiinabu

अभी थोड़ी देर पहले ही एक किताब पढ़ रहा था। पढ़ क्या रहा था, ये समझ लो चाट रहा था (literally नहीं लेना है)।  पढ़ते पढ़ते कई चीज़ें सामने आईं, कई मुद्दे सामने आये, कई समाधान भी आये दिमाग में, सो सोचा बता दूँ आप लोगों को भी।  वैसे तो मैं फिक्शन पढ़ने का बहुत शौक़ीन हु लेकिन लाइफ रिलेटेड बुक्स पढ़ कर काफी अच्छा लगने लगा है।  वो इसलिए की जो ये किताबें कहती हैं, वो सब हमको पहले से मालूम है।  लेकिन क्या आप लोगों को मालूम है ? ज़िन्दगी में कई बार हम ऐसी जगह खुद को खड़ा पते हैं जहां हमको बेबसी और लाचारी महसूस होने लगती है। और मैंने खुद ये अनुभव किया है कि किताबें सच में हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं।  क्यूंकि वो हमको कभी छोड़ कर नहीं जा सकतीं।


      इंसान की ज़िन्दगी में सबसे ज़्यादा महत्तव क्या रखता है ? जब पापा ने मुझसे पूछा तो मैंने हस कर लापरवाही से कहा " पैसा "।  बदले में पापा भी मुस्कुराये लेकिन बाद में समझाते हुए बोले, ज़िन्दगी में सबसे ज़्यादा ज़रूरी अगर कुछ है तो वो है "इंसान की सोच "।  मैं हैरान, गणित और भौतिकी के मास्टर पिताश्री हमारे आज कैसे दर्शन और चिंतन की बातें कर रहे हैं ? पापा को शायद समझ आ गया की लड़का कनफुजिया गया है।  ज़्यादा कुछ बोले नहीं बस ये बोले जब भी किसी से मिलो तो उसकी बातों से ये पता लगाने की कोशिश करो कि उसकी सोच कैसी है? वो अपनी स्थिति के बारे में क्या सोचता है ? वो बाकि परिवेश के बारे में क्या सोचता है? अगर उसकी सोच अच्छी हुई, तो उसकी संगत से तुमको भी फायदा होगा और तुम्हारी संगत से उसको। अपनी सोच को भी अच्छा रखो, जितना पॉजिटिव रखोगे उतना लोग तुम्हारे दोस्त बनते जायेंगे।  अगर कोई अच्छा नहीं भी है तो भी अच्छे बनो क्या पता तुमसे मिलकर किसी की तलाश पूरी हो जाये।  
    भारतीय माता पिता अपने बच्चों को लेकर कुछ ज़्यादा ही सचेत रहते हैं ये तो पता था, लेकिन ये बात समझाने का तरीका मुझे बड़ा सही लगा।  बोले तो एकदम स्ट्रैट फॉरवर्ड।  बात पुरानी है, तब समझ नहीं आई थी, आज जब घर से दूर, मम्मी पापा से दूर , ज़िन्दगी की उलझनो से जूझ रहा हू, तब समझ आ रही है।  एक एक बात, जो पापा कहते हैं वो सच होती है।  "दोस्ती से ज़्यादा ज़रूरी सोच का सकारात्मक होना है।  अगर तुम्हारी सोच पॉजिटिव है, तो लोग खुद तुम्हारे पास आएंगे, और अगर तुम्हारी सोच ही अगर बेकार है तो लोग तुमसे दूर भागेंगे।  इसलिए किताबें पढ़ा करो, क्यूंकि किताबें सोच बदलने में, अलग अलग पहलु से सोचने में दिमाग खोलने में मदद करती है। पैसा बहुत ज़्यादा ज़रूरी नहीं है, ज़रूरी हैं सोच का ज़्यादा ऊंचा होना। "
    बात आजमाई गई, कई बार सच साबित हुई। और सच साबित हुए पापा। हिंदुस्तानी बाप को लड़के के गले लगते देख शायद थानोस चाचा भी चुटकी न बचाएं। ये दुनिया का वो सबसे कठिन काम है जिसको करने के लिए आपको भावनात्मक रूप के साथ शारीरिक रूप से भी मजबूत बनना होगा।  क्यूंकि 90% लड़के अपने पिता को देख कर डरते हैं ( मुंबई और सूरत वालो आप लोग एक्सेप्शनल हो ) ।आधा उत्तर भारत अपने पिता को शायद कभी गले न लगा पाया हो कभी लेकिन पिता हमेशा बच्चों के लिए खुद को आगे रखता है। अब फिर से पॉइंट पर आते हैं बात आउट ऑफ़ टॉपिक हो रही है। हाँ तो किताबें ज़रूर पढ़ना चाहिए।  आपको लाइफ में कॉन्फिडेंस बढ़ाना है तो किताब पढ़िए और पैसा कमाना है तो किताबें पढ़िए और अगर अपनी सोच अगर बढ़ानी है तो हमारे ब्लोग पढ़िए (खींखीं खीं खीं)।  आज इतना ही; ज़्यादा नहीं लिखूंगा बस कुछ किताबें बता रहा हूँ, मन करे तो पढियेगा।

किताबें जो पढ़नी चाहियें -

Attitude is Everything by Jeff Keller -Attitude is Everything by Jeff Keller

Rich Dad poor Dad ( English) by Robert T. Kiyosaki- https://amzn.to/3pbkh6R

Rich Dad poor Dad (Hindi) - https://amzn.to/2S2dY9F

Richest Man in Babylon Hindi by George S. Clason - https://amzn.to/3cbQiGF

बाद में बताइयेगा कि कैसी लगी, यहीं नीचे कमेंट सेक्शन में।  पिता पुत्र वाली संवाद  अगर पसंद आई हो और आगे सुननी हो तो वो भी बताइयेगा।  आज चलता हूँ, जल्दी आऊंगा 

- Abiiinabu




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टिप्पणियाँ

  1. सही है महाराज हमसे ज्यादा सकारात्मक तो हुए तुम भाई। 😉

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  2. अति सुन्दर पंक्तियां
    वास्तव में हर एक पुत्र का स्वप्न होता है अपने पिता के गले लगना

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