"रामायण के लक्ष्मण या महाभारत के कर्ण में से शक्तिशाली कौन थे?" आदर के साथ कहना चाहूंगा कि आपका ये प्रश्न ही अनुचित है। पौराणिक पात्रों की तुलना करते समय हम जो सबसे बड़ी गलती करते हैं, वो वही है जो आपने अपने इस प्रश्न में की है। सदा स्मरण रखें कि कभी भी किसी दो के योद्धाओं की तुलना आपस मे ना करें क्योंकि वो तर्कसंगत नही है। बात यहाँ लक्ष्मण और कर्ण की नहीं है, बात ये भी नहीं है कि कर्ण के स्थान पर यहाँ अर्जुन होते, द्रोण होते, भीष्म होते या कोई और। बात ये है कि एक त्रेतायुग के योद्धा की तुलना एक द्वापरयुग के योद्धा से करना ही गलत है। आपको मेरे उत्तर से निराशा हो सकती है क्यूंकि मैं यहाँ लक्ष्मण और कर्ण का कोई भी तुलनात्मक अध्ययन नहीं करने वाला हूँ। इसका एक कारण ये भी है कि लक्ष्मण से कर्ण या अर्जुन की तुलना करना भी वीरवर लक्ष्मण का अपमान होगा। मैं बस ये साफ़ करना चाहता हूँ कि इस प्रकार के कपोलकल्पना से भरे प्रश्न क्यों अनुचित हैं। अगर आप मुझसे सहमत ना हों तो क्षमा चाहूँगा। जब हम अपने धर्मग्रंथों को पढ़ते हैं तो कई ग्रंथों, विशेषकर पुराणों में अलग-अलग युगों के व्यक्तियों के ...
National Mathematics Day 2021 - Remembering S. Ramanujan , The man who knew 'The Infinity' The Man Who Knew The Infinity 22 दिसंबर को महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य में भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में चिह्नित किया गया है-जो देश में सभी चीजों में गणित का चेहरा बने हुए हैं. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आधिकारिक घोषणा के बाद 2012 में पहला राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया । S. Ramanujan भारत का अपना जीनियस 1887 में भारत की अपनी प्रतिभा, रामानुजन का जन्म तमिलनाडु के इरोड में हुआ था. और बच्चे होने के बाद से ही उनके पास गणित के लिए एक कुशाग्रता थी, लेकिन माध्यमिक विद्यालय में ही रामानुजन ने खुद की क्षमता और गणित के अनुशासन को समझा। स्कूल स्तर के गणित में महारत हासिल करने के बाद अपनी उम्र के एक छात्र की उम्मीद की सीमा को पार करते हुए रामानुजन को फिर कुंभकोणम के गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज में स्कॉलरशिप मिली । हालांकि, यह आदमी मैथ्स का इतना जुनूनी था कि वह अपने कोर्सवर्क के हर दूसरे सब्जेक्ट वाले हिस्से को फेल कर गया । इस वजह से उनकी दावेद...