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कर्म फल तो भोगना ही पड़ेगा

 महाभारत के भयंकर नरसंहार के बाद पुत्र-वियोग में तड़पती गांधारी जब श्रीकृष्ण को शाप देने के लिए आगे बढ़ती हैं, तब श्रीकृष्ण शांत स्वर में कहते हैं— माते!  मैं शोक, मोह और पीड़ा—इन सबसे परे हूँ, न मुझे विजय का गर्व है, न पराजय का विषाद, न मुझे सम्मान बाँधता है, न अपमान। न जीवन, न मृत्यु—किसी में मैं आबद्ध नहीं हूँ। मैं न सत्य में बँधा हूँ, न असत्य में.. काल और महाकाल—दोनों मेरे अधीन हैं; मैं उन्हीं के माध्यम से अपने कार्य सिद्ध कराता हूँ। हे माता, यह युद्ध अवश्यम्भावी था। जो चले गए हैं, उनके लिए विलाप मत करो। जो शेष हैं—उन्हें स्वीकारो। वर्तमान को अपनाओ, क्योंकि अतीत का शोक ही दुख का मूल है.. कृष्ण की वाणी सुनकर गांधारी विलाप करती हुई कह उठती हैं.. कृष्ण…! तुम यह सब कह सकते हो, क्योंकि तुम माँ नहीं हो। तुम क्या जानो एक माँ की ममता क्या होती है? तुम क्या समझो पुत्र-शोक की असहनीय पीड़ा? तुम मोह-त्याग और ज्ञान की बातें करते हो, तो जाओ—अपनी माता देवकी से पूछो कि पुत्र-वियोग क्या होता है! पूछना उनसे— कैसा लगता था जब कंस एक-एक कर उसके कलेजे के टुकड़े छीन लेता था.. जब उसका दूध उतरता थ...

National Science Day| Sir C V RAMAN उस शख्श की दास्ताँ जिसने भारत को नया विज्ञान ही दे डाला

National Science Day| Why we celebrate Science day on 28th February
Why we celebrate Science day on 28th February

इस देश में शायद बहुत कम लोग ही ऐसे होंगे जो फरवरी को वैलेंटाइन डे के अलावा किसी और कारण से भी जानते होंगे। मुझ जैसे लोगों को यह दिन काफी पसंद है। क्योंकि इस दिन भारत अपना राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 28 फरवरी को ही भारतीय विज्ञान दिवस क्यों मनाया जाता है?
वर्ष 1921 में भारत के वैज्ञानिक श्री चंद्रशेखर वेंकटरमन एक जहाज पर सवार हुए। लंदन से भारत आते समय उनके दिमाग में एक सवाल आया किस समुंदर का रंग असल में नीला क्यों होता है? वह यह बात भी मानने को तैयार नहीं थे कि आसमान का रंग भी नीला होता है। इसीलिए 1928 की मार्च में उन्होंने एक थ्योरी प्रकाशित की जिसे रमन स्कैटरिंग के नाम से जाना गया, मुझे आप और मैं आज रमन इफेक्ट  Raman Effect के नाम से भी जानते हैं। रमन प्रभाव प्रकाश के तरंगदैर्ध्य के बदलने की कारण को बताता है।
आपने सूर्य के प्रकाश में एक संतरे को नारंगी रंग का देखा। यह नारंगी रंग का है, लेकिन क्यों? वैसे सूर्य का प्रकाश साथ अलग-अलग रंगों से मिलकर बना है और हर रंग की एक अलग तरंगदैर्ध्य है। आप सूर्य से निकलने वाले इन सात रंगों को इंद्रधनुष में भी देख सकते हैं। उसी तरह संतरा इस प्रकार के अणुओं से मिलकर बना होता है जो सूर्य की प्रकाश के साथ संक्रिया करते हैं। ज्यादा तो संतरे प्रकाश के बाकी सभी रंगों को सोख लेते हैं और नारंगी रंग को परावर्तित करते हैं। जिस कारण हमें संतरा नारंगी रंग का दिखाई देता है।
इसी तरह अलग-अलग तरह के पदार्थ अलग-अलग अनु से मिलकर बने होते हैं जो अलग-अलग रंगों को परावर्तित करते हैं जिस कारण हमें उनके अलग-अलग रंग देखने को भी मिलते हैं। 
रमन प्रभाव का उपयोग रंगों का ज्ञान करने के अलावा spectroscopy के द्वारा स्ट्रक्चरल फिंगरप्रिंट को ज्ञात करने के लिए होता है। आसान भाषा में एक Molecule दूसरे से किस प्रकार अलग है यह पता करने के लिए रमन प्रभाव का उपयोग किया जाता है।
C V raman
The Man who give India Science
अपनी इस खोज के कारण चंद्रशेखर वेंकटरमन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था, जिसे पाने वाले वह पहले एशियाई और भारतीय थे। डॉक्टर चंद्रशेखर वेंकटरमन की इस उपलब्धि की याद में 28 फरवरी को उनके जन्मदिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। 

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