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प्रेमचंद के फटे जूते

  प्रेमचंद का एक चित्र मेरे सामने है, पत्नी के साथ फ़ोटो खिंचा रहे हैं. सिर पर किसी मोटे कपड़े की टोपी, कुरता और धोती पहने हैं. कनपटी चिपकी है, गालों की हड्डियां उभर आई हैं, पर घनी मूंछें चेहरे को भरा-भरा बतलाती हैं. पांवों में केनवस के जूते हैं, जिनके बंद बेतरतीब बंधे हैं. लापरवाही से उपयोग करने पर बंद के सिरों पर की लोहे की पतरी निकल जाती है और छेदों में बंद डालने में परेशानी होती है. तब बंद कैसे भी कस लिए जाते हैं. दाहिने पांव का जूता ठीक है, मगर बाएं जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अंगुली बाहर निकल आई है. मेरी दृष्टि इस जूते पर अटक गई है. सोचता हूं-फ़ोटो खिंचवाने की अगर यह पोशाक है, तो पहनने की कैसी होगी? नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी-इसमें पोशाकें बदलने का गुण नहीं है. यह जैसा है, वैसा ही फ़ोटो में खिंच जाता है. मैं चेहरे की तरफ़ देखता हूं. क्या तुम्हें मालूम है, मेरे साहित्यिक पुरखे कि तुम्हारा जूता फट गया है और अंगुली बाहर दिख रही है? क्या तुम्हें इसका ज़रा भी अहसास नहीं है? ज़रा लज्जा, संकोच या झेंप नहीं है? क्या तुम इतना भी नहीं जानते कि धोती को थोड़ा न...

Superstar Rajni



 सुपरस्टार


कर्नाटक के लोअर मिडल क्लास मराठी परिवार का काला बिलकुल आम कद काठी वाला लड़का सुपर स्टार बना इस का श्रेय निर्देशक बाल चंदर को जाता है।इस बस कंडक्टर में उन्हे कुछ स्पार्क दिखा। उस के बाद उन्होंने शिवाजी राव गायकवाड को एक्टिंग सीखने को कहा और कहे मुताबिक शिवाजीराव ने एक्टिंग सीखी। उस समय दक्षिण में शिवाजी गणेशन नाम के विख्यात स्टार थे। उन के नाम के साथ तुलना न हो इसलिए शिवाजीराव का फिल्मी नामकरण रजनी किया गया।किसी को भी नही लगा होगा की ये शिवाजी उस महान स्टार शिवाजी को रिप्लेस करेगा !


रजनी सर ने अपनी शुरुआत सेकंड लीड और खलनायक के तौर पर की।रजनी,कमला हासन और श्रीदेवी लगभग एकसाथ मेन स्ट्रीम सिनेमा में आए और तीनो अपनी अपनी जगह छा गए।स्क्रीन प्ले राइटिंग में ज्यादा रुचि रखने वाले कमला हासन ने वही पर ज्यादा ध्यान दिया और एक्सपेरिमेंटल मास फिल्मे की।रजनीकांत को पता था साउथ के लोगो को क्या देखना।साउथ के लोग जब थियेटर आते है तब वो दो ढाई घंटे सामने पर्दे पर जो हीरो दिख रहा उस में खुद को इमेजिन करते है ।रजनी जनता के दिलो में छा गए क्युकी वो उन के जैसे दिखते है और काम सुपर हीरो वाले करते थे।सिनेमा मनोरंजन के लिए बनाया हुआ माध्यम है और पचास साल से रजनी अपने ऑडियंस का मनोरंजन करने का ही काम किए है।दो चार फिल्मे छोड़ रजनी कांत ने सारी मसाला मास एक्शन फिल्में ही की है । सो कॉल्ड क्रिटिक्स या फिर हमे अभिनय समझ में आता है वाली ऑडियंस को रजनी ने घास तक नही डाली।रजनी भी थियेटर आर्टिस्ट रहे है।चाहते तो ये आज के वेब सीरीज वाले एक्टर्स की तरह रह सकते थे लेकिन उन्होंने स्टार बनना चुना।


रजनी सर का वॉक,रजनी सर की डायलॉग डिलीवरी,रजनी सर का स्वैग,रजनी सर की एक्शन,रजनी सर का स्मोकिंग स्टाइल और सब से अहम रजनी सर की बिग स्क्रीन प्रेजेंस का कोई मुकाबला नहीं है।आज सत्तर साल से ज्यादा उमर वाले रजनी सर के पास जो बिग स्क्रीन प्रेजेंस है वो भारत में सलमान खान छोड़ और किसी भी स्टार में नही है ।किसी जमाने में ये सनी देओल के पास भी थी।73 साल के रजनी सर के ऊपर प्रोड्यूसर आज भी दो तीन सौ करोड़ लगाकर फिल्मे बनाने के लिए लाइन लगाकर खड़े है।कंपेयर करने अब तब आना जब 72 की उमर में छे सौ करोड़ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन वाली फिल्म आप का फेवरेट स्टार देकर दिखाए!!


रजनी हमेशा से तमिलनाडु में शैडो सीएम रहे है।राजनीति में न जाने के बदले वहा की सभी नास्तिक पार्टियों ने उन्हें भगवान का दर्जा दिया है ।तमिल इंडस्ट्री जैसी हार्डकोर लेफ्ट विंग जगह पर ये धार्मिक रजनी कांत सुपर स्टार कैसे बना ये एक अलग अभ्यास का विषय है !रजनी सर और बच्चन साब में एक ही अंतर है।चैरिटी वाला ट्रेंड रजनी तब लाए थे जब दूरदर्शन और अखबार छोड़ और कोई पब्लिसिटी का जरिया नही था।करोड़ों रुपए की चैरिटी वो कर चुके है ।उन से पच्चीस साल छोटे अजीत कुमार और विजय उन की सुपर स्टार वाली जगह लेने की कोशिश किए और सीधे तौर पर अब हार मान चुके है।विजय एक्टिंग छोड़ राजनीति में जा रहे और अजीत रजनी के आसपास भी नही है ।रजनी का आचरण ,रजनी का स्वभाव,रजनी की इमेज उन्हे बाकी सभी सितारों से अलग करती है। अब उन की उमर नही है किसी के पैर छुने की लेकिन आज भी बच्चन साब या कोई भी बुजुर्ग सामने आए तो रजनी पैर छूते है। स्टार तमिल का है लेकिन संस्कार टिपिकल मराठी रहे है ।मुझे वैनिटी चाहिए,दस लोग सेवा में चाहिए वाले नाटक नही।जहा सेट वो वहा कुर्सी डाल कर बैठने वाला दूसरा स्टार आप लोग मुझे दिखाओ!!


मैं रजनी सर की बहुत बड़ी फैन हु। उन की ओवर द टॉप फिल्मे भी मैने एक से ज्यादा बारी थियेटर में देखी है।थियेटर ऑडियंस में रजनी सर की जो इज्जत है और किसी स्टार की नही है।रही बात एक्टिंग की ,रजनी और कमला हासन की जितनी साथ में फिल्मे है वो देखिए।आप समझ जायेंगे रजनी किस लेवल के अभिनेता है ।


शाहरुख खान ने कहा था ना की वो लास्ट ऑफ द स्टार्स है।सही कहा था।क्युकी स्टार्स बहुत सारे है लेकिन भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का एक ही सर्टिफाइड सुपर स्टार है और उस का नाम रजनीकांत है ।वो रजनी कांत जिस ने शाहरुख की पहली फिल्म आने से पहले ही भारतीय सिनेमा को एब्रॉड ले गया था !



#SuperstarRajinikanth

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