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Madness for Iphone

​ *आखिर जा कहां रहा है हमारा समाज..* महाराष्ट्र के निम्न मध्यम वर्गीय मां-बाप ने अपनी इकलौती संतान को जैसे-तैसे पाल पोसकर 18 साल का किया। अब उस बेटे को आईफोन की सनक जग गई, पहाड़ के किनारे खड़े होकर 3 घंटे का फुल वोल्टेज ड्रामा चला। संभवतः सभी को लगा होगा कि ड्रामा कर रहा है, इसी बीच बाप सामने आया, शायद उसे अपने भावनात्मक और शारीरिक बल पर भरोसा रहा होगा, कि या तो मैं अपने बेटे को प्यार/डांट से मना/धमका लूंगा, नहीं तो ताकत का प्रयोग करके उसे किनारे से खींच लाऊंगा। बाप का दांव गलत साबित हुआ, बेटा उसकी उम्मीद से ज्यादा भावनात्मक रूप से ढीट और बलशाली था, खींचा-तानी में बेटे का बैलेंस बिगड़ा, गिरते बेटे ने वही किया जो वो पिछले 18 साल से करता आ रहा था, (बाप का सपोर्ट लेना), और उसने सपोर्ट लेने के चक्कर में अपने साथ बाप को भी खाई में खींच लिया। मां जो पहले ही बेटे को मनाने के लिए अपना मंगलसूत्र देने की पेशकश कर रही थी, इस दृश्य को देखकर कुछ समझ नहीं सकी, और बदहवासी में 1-2 सेकंड बाद उसने भी खाई में जंप लगा दी। पूरा परिवार एक आईफोन की सनक में कॉल के ग्रास में चले गए।। गलती किसकी है: 1. आईफोन के...

Stree 2 Movie Review

 एक नॉनसेंस बेस पर बनी सेंसिबल मूवी! डॉयलोग्स तो बहुत ही गजब हैं।  सरकटा इंफ्लुएंसर है, अपने फॉलोवर्स बढ़ाना चाहता है।  लेकिन ये जो भी है वो सरकटा क्यों है? जब ज़रूरत हो सर धड़ पर लगा लेता है नहीं तो हाथ में लिए घूमता है। स्त्री के आधुनिक होने से उसे चिढ़ क्यों है? क्यों वो स्त्रियों का सर मुंडा कर उन्हें सफेद साड़ी में रखना चाहता है।  वो चाहता है कि स्त्री बस घर में रहे और उसपर पुरुष का वर्चस्व हो।  हर वो पुरुष जो स्त्री स्वतंत्रता का विरोधी है वो सरकटा है। सरकटा वास्तव में एक बिम्ब है। ऐसे बहुत से बिम्बों का प्रयोग समाज के ढाँचे पर चोट करता है इस फ़िल्म में।  समाज की बहुत सारी घिसीपिटी धारणाओं पर भी सर्कास्टिक तरीके से प्रहार करती बढ़िया कॉमेडी है। साथ ही एनिमल मूवी को भी एक तमाचा जड़ दिया इस डायलॉग ने "'तू भेड़िया है, भेड़िया ही रह, एनिमल बनने की कोशिश मत कर।" मतलब कुल मिला कर मज़ा आ गया। मूवी के अंत से पता चलता है कि स्त्री 3 भी आएगी जिसमें वरुण धवन का लीड रोल हो सकता है और विलेन शायद अक्षय कुमार। मूवी में पहले तो समझ नहीं आया कि भेड़िया कहाँ से आ गया औ...