इस साल बाज़ार में जितने जामुन दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले दो दशकों में कभी नहीं देखे। जामुन के अक्षरशः ढेर लग रहे हैं (नीचे गिर रहे हैं)। जिन पेड़ों पर पिछले साल इक्का-दुक्का फल आए थे, वे पेड़ भी इस बार जामुन से पटे पड़े हैं। जहाँ फल आए थे, वहाँ अब उन का अंबार लगना शुरू हो गया है। आखिर यह सब क्या चल रहा है? हमारी दादी/नानी हमेशा कहती थीं कि, "जिस गर्मियों में जामुन के ऐसे ढेर लगते हैं, उस साल सूखा पड़ता है।" बुजुर्गों का यह पारंपरिक ज्ञान वनस्पति विज्ञान (Botany) के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बिल्कुल सही और सटीक है। विज्ञान में इस दिलचस्प और उतनी ही चौंकाने वाली प्रक्रिया को "मास्टिंग" (Masting) या "स्ट्रेस फ्रूटिंग" (Stress Fruiting) कहा जाता है। पेड़ों द्वारा खुद को खत्म करके ज्यादा से ज्यादा फल देने के इस आखिरी प्रयास को कभी-कभी "सुसाइड फ्रूटिंग" (Suicide Fruiting) या "बंपर क्रॉप" भी कहा जाता है। यह असल में क्या है और इसके पीछे का विज्ञान क्या कहता है, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं: १. 'सर्वाइवल इंस्टिंक्ट' (अस्ति...
Come Back मैं यो यो हनी सिंह का कभी फैन नहीं रहा न उसके गाने कभी मुझे भाये। मेरी उम्र के लोगों को शायद उसके गाने पसंद भी नही आएंगे हां मुँह पर जरूर चढ़ सकते है लेकिन पसंद नही आएंगे। अंग्रेज़ी बीट दे, आज ब्लू है पानी पानी, पार्टी आल नाईट , चार बोतल वोदका, लुंगी डांस लूंगी डांस जैसे तमाम गाने हमारे कानों से 2011 से 2014 तक टकराये, हर शादी, पार्टी में सुनाई दिए। खैर 2010 से 2014 तक यो यो हनी सिंह अपनी पॉपुलैरिटी के चरम पर था। उसने जो गाना बनाया वो चला, उसने मिट्टी में हाथ डाला तो वो भी सोना हुआ। लोग बुला बुलाकर उससे गाने लिखवा रहे थे, काम करवा रहे थे, उस टाइम बॉलीवुड का ऐसा कोई पॉपुलर स्टार नही था जिसने उस दौर में हनी सिंह के साथ काम न किया हो। शाहरुख खान बस किसी भी तरह उनका कोई गाना अपनी फिल्म में लेना चाहते थे और हनी सिंह ने एक दिन में लुंगी डान्स बना कर दे दिया। सफलता का नशा तो था ही, इसी दौरान हनी सिंह सूखे नशों की चपेट में आ गया, दारू तो बेतहाशा पीता ही था लेकिन चरस और गांजा इस कदर पीने लगा कि चौइस ही घंटे वो 'हाइ' ही रहता था, उसको चरस की सिगरेट बन...