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प्रेमचंद के फटे जूते

  प्रेमचंद का एक चित्र मेरे सामने है, पत्नी के साथ फ़ोटो खिंचा रहे हैं. सिर पर किसी मोटे कपड़े की टोपी, कुरता और धोती पहने हैं. कनपटी चिपकी है, गालों की हड्डियां उभर आई हैं, पर घनी मूंछें चेहरे को भरा-भरा बतलाती हैं. पांवों में केनवस के जूते हैं, जिनके बंद बेतरतीब बंधे हैं. लापरवाही से उपयोग करने पर बंद के सिरों पर की लोहे की पतरी निकल जाती है और छेदों में बंद डालने में परेशानी होती है. तब बंद कैसे भी कस लिए जाते हैं. दाहिने पांव का जूता ठीक है, मगर बाएं जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अंगुली बाहर निकल आई है. मेरी दृष्टि इस जूते पर अटक गई है. सोचता हूं-फ़ोटो खिंचवाने की अगर यह पोशाक है, तो पहनने की कैसी होगी? नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी-इसमें पोशाकें बदलने का गुण नहीं है. यह जैसा है, वैसा ही फ़ोटो में खिंच जाता है. मैं चेहरे की तरफ़ देखता हूं. क्या तुम्हें मालूम है, मेरे साहित्यिक पुरखे कि तुम्हारा जूता फट गया है और अंगुली बाहर दिख रही है? क्या तुम्हें इसका ज़रा भी अहसास नहीं है? ज़रा लज्जा, संकोच या झेंप नहीं है? क्या तुम इतना भी नहीं जानते कि धोती को थोड़ा न...

The Comeback story of YO YO Honey Singh

 


Come Back


मैं यो यो हनी सिंह का कभी फैन नहीं रहा न उसके गाने कभी मुझे भाये। मेरी उम्र के लोगों को शायद उसके गाने पसंद भी नही आएंगे हां मुँह पर जरूर चढ़ सकते है लेकिन पसंद नही आएंगे। अंग्रेज़ी बीट दे, आज ब्लू है पानी पानी,  पार्टी आल नाईट , चार बोतल वोदका, लुंगी डांस लूंगी डांस  जैसे तमाम गाने हमारे कानों से 2011 से 2014 तक टकराये, हर शादी, पार्टी में सुनाई दिए। 


खैर 2010 से 2014 तक यो यो हनी सिंह अपनी पॉपुलैरिटी के चरम पर था।  उसने जो गाना बनाया वो चला, उसने मिट्टी में हाथ डाला तो वो भी सोना हुआ। लोग बुला बुलाकर उससे गाने लिखवा रहे थे, काम करवा रहे थे, उस टाइम बॉलीवुड का ऐसा कोई पॉपुलर स्टार नही था जिसने उस दौर में हनी सिंह के साथ काम न किया हो। शाहरुख खान बस किसी भी तरह उनका कोई गाना अपनी फिल्म में लेना चाहते थे और हनी सिंह ने एक दिन में लुंगी डान्स बना कर दे दिया। 


सफलता का नशा तो था ही, इसी दौरान हनी सिंह सूखे नशों की चपेट में आ गया, दारू तो बेतहाशा पीता ही था लेकिन चरस और गांजा इस कदर पीने लगा कि चौइस ही घंटे वो 'हाइ' ही रहता था, उसको चरस की सिगरेट बनाना नही आता था तो बाकायदा उसने एक लड़का सिर्फ इसी काम के लिए सेलरी पर रख लिया जो उसे चरस की सिगरेट बना के देता था। वो दिन में 12 -12 बार ये नशा करता था। 


कोई लाइव कंसर्ट हो या म्यूसिक क्रिएशन वो नशे में ही करता था।  उसने कोई नशा न छोड़ा। चार बोतल वोडका गाना असल मे उसने चार बोतल दारू पीने के बाद ही ऑस्ट्रलिया में लिखा था वो भी सिर्फ बदले की भावना से,  क्यों कि ऑस्ट्रलिया में उसके कंसर्ट से पहले कुछ लोगो ने उसका पुतला जलाया था। 


सूखे नशो की वजह से  उसकी ये हालत हो गई कि उसके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया। उसे "बाइपोलर डिसऔर्डर" नाम की बीमारी हुई और वो अजीब सी इमेजीनशन्स को सच मानने लगा। उसे बार बार पैनिक अटेक्स आते थे। उसका दिमाग जो असल में घट रहा है, उसे कल्पना मानता था और जो कल्पना है उसको हकीकत मानता था। हालात बहुत खराब हो गए। नशे की वजह से उसने अपने हाथों से सब बर्बाद कर दिया। 


2015 से करीब 2021 उसका इलाज चला वो 6-7 साल परिद्रश्य से बिल्कुल गायब हो गया। करीब डेढ़ साल तो एक ही कमरे में रहा बाहर नही निकला। वो इतना डरा हुआ रहता था कि नहाता भी बाथरूम का दरवाजा खोल के था। 


2022 के बाद वो लगभग ठीक हुआ, धीरे धीरे ज़िंदगी पटरी पर लौटने लगी। इस दौरान वो अध्यात्म की शरण मे भी आया। आज हर काम हर कंसर्ट से पहले " हर हर महादेव" "भोले का आशीर्वाद" बोलता है.


अभी 15 दिन पहले The Lallantop वाले सौरभ द्विवेदी ने हनी सिंह का विस्तृत इंटरव्यू लिया है करीब 2 घंटे जो लल्लनटॉप के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। 


जिस बेबाकी से हनी सिंह ने अपनी गलतियों को स्वीकारा है, वो कैसे उस दौर से वो बाहर निकला है, वो अपनी एक एक गलती को कंसीडर कर रहा है, अपनी ऐरोगेन्स , अपनी नशेबाजी,  उसे हर चीज़ का रिग्रेट भी है वो स्वीकार भी कर रहा है, वो नशे से दूर है अब। मैंने परसो रात उसका इंटरव्यू पूरा देखा है। 


मैं कभी भी हनी सिंह का फैन नहीं था लेकिन उस इंटरव्यू के बाद हो गया हूँ। बहरहाल हनी सिंह का नया एलबम Glory आ गया है। उसके गाने मुझे आज भी नही पसंद लेकिन मैं हनी सिंह के इस नए व्यक्तित्व का फैन हो गया हूँ। 


Moral of The Story- ज़िंदगी मे सब कुछ कभी भी खतम नही होता एक तगड़े Come Back की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है।


हनी सिंह ने तगड़ा Come Back किया है। Welocme Back Honey Singh...आपको इस दूसरी पारी की शुभकामनाएं। 

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