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Madness for Iphone

​ *आखिर जा कहां रहा है हमारा समाज..* महाराष्ट्र के निम्न मध्यम वर्गीय मां-बाप ने अपनी इकलौती संतान को जैसे-तैसे पाल पोसकर 18 साल का किया। अब उस बेटे को आईफोन की सनक जग गई, पहाड़ के किनारे खड़े होकर 3 घंटे का फुल वोल्टेज ड्रामा चला। संभवतः सभी को लगा होगा कि ड्रामा कर रहा है, इसी बीच बाप सामने आया, शायद उसे अपने भावनात्मक और शारीरिक बल पर भरोसा रहा होगा, कि या तो मैं अपने बेटे को प्यार/डांट से मना/धमका लूंगा, नहीं तो ताकत का प्रयोग करके उसे किनारे से खींच लाऊंगा। बाप का दांव गलत साबित हुआ, बेटा उसकी उम्मीद से ज्यादा भावनात्मक रूप से ढीट और बलशाली था, खींचा-तानी में बेटे का बैलेंस बिगड़ा, गिरते बेटे ने वही किया जो वो पिछले 18 साल से करता आ रहा था, (बाप का सपोर्ट लेना), और उसने सपोर्ट लेने के चक्कर में अपने साथ बाप को भी खाई में खींच लिया। मां जो पहले ही बेटे को मनाने के लिए अपना मंगलसूत्र देने की पेशकश कर रही थी, इस दृश्य को देखकर कुछ समझ नहीं सकी, और बदहवासी में 1-2 सेकंड बाद उसने भी खाई में जंप लगा दी। पूरा परिवार एक आईफोन की सनक में कॉल के ग्रास में चले गए।। गलती किसकी है: 1. आईफोन के...

जब रामानुजन ने मजे मजे में दुनिया के सबसे बड़े गणितज्ञ को हैरान कर दिया| Hardy-Ramanujan-Number

जब रामानुजन ने मजे मजे में दुनिया के सबसे बड़े गणितज्ञ को हैरान कर दिया| Hardy-Ramanujan-Number

"The Man who Knew The Infiniy"; लेकिन श्रीनिवास रामानुजन तो वह महापुरुष थे जो Infinity से आगे का भी जानते थे।  उन्होंने अपनी शोध एवं पत्र से 3900 से अधिक परिणाम प्राप्त किए। हालांकि जिज्ञासु लोग (जैसे कि मैं) और गणित में मन रमाने वाले उन्हें हार्डी रामानुजन संख्या के लिए भी जानते हैं।

  • आखिर क्या है Hardy-Ramanujan-Number

हार्डी रामानुजन संख्या की खोज अचानक से बैठे-बिठाए हो गई थी। हुआ यूं था कि ब्रिटेन के जाने-माने गणितज्ञ GH Hardy अस्वस्थ Ramanujan को अस्पताल में मिलने गए थे। यह किस्सा रामानुजन की जीवनी The Man who knew Infenity में Robert Knaigel लिखते हैं।
    हार्डी ने अस्वस्थ रामानुजन को चुटकी लेते हुए कहा कि वह जिस टैक्सी में उनसे मिलने आए हैं, उसका नंबर अंत में 1729 था। जो कि एक अशुभ संख्या है। यह संख्या किसी अन्य संख्या से नहीं कटती, अतः यह एक अभाज्य अशुभ संख्या हुई। 
Hardy-ramanujan-Number
Taxi No. 1729

जिसके जवाब में रामानुजन ने तुरंत कहा जी ऐसा बिल्कुल नहीं है। असल में 1729 बहुत ही रोचक संख्या है जिसे दो प्रकार से लिखा जा सकता है। 1729 10 एवं 9 दो संख्याओं के घनो का योग है। इसे समझाते हुए रामानुजम ने आगे कहा 10 का घन 1000 होता है और 9 का घन 729 यदि इन दोनों संख्याओं को जोड़ दिया जाए तो योगफल 1729 निकलता है।
    इसी प्रकार, 1729 12 एवं 1, इन दो संख्याओं के घरों का भी मूल है। 
    इस प्रकार 1729 वह सबसे छोटा नंबर बन जाता है जिसे दो संख्याओं के घनो के योगफल के रूप में दो विभिन्न तरह से लिखा जा सकता है। 
    रामानुजम की वाकपटुता एवं बुद्धिमत्ता देखकर जीएच हार्डी हतप्रभ हुए बिना ना रह सके उन्होंने रामानुजन के प्रतिभा की तारीफ की एवं उन्हें जल्द ही स्वस्थ होने का दिलासा देकर वहां से चले गए। जीएचआरडी अवश्य ही खुश रहे होंगे क्योंकि उन्हें उनकी टक्कर का कोई गणितज्ञ जो मिल गया था।
हार्डी रामानुजन संख्या रामानुजन केसरी जीवन की सबसे बड़ी घटना नहीं थी  यह उनकी कई हैरान कर देने वाली खोजों में से एक थी जो उन्होंने केवल मन बहलाने के लिए बनाई थी।
रामानुजन संख्याओं से सम्मोहित हो जाते थे उन्होंने अपनी इस सम्मोहन को Partitio Numerorum यानी संख्याओं के विभाजन का अध्ययन करने में लगा दिया एवं कई सिर चकरा देने वाली खोजें की। 

श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिन 22 दिसंबर को सरकार ने राष्ट्रीय गणित दिवस  घोषित किया है। 

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