सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कर्म फल तो भोगना ही पड़ेगा

 महाभारत के भयंकर नरसंहार के बाद पुत्र-वियोग में तड़पती गांधारी जब श्रीकृष्ण को शाप देने के लिए आगे बढ़ती हैं, तब श्रीकृष्ण शांत स्वर में कहते हैं— माते!  मैं शोक, मोह और पीड़ा—इन सबसे परे हूँ, न मुझे विजय का गर्व है, न पराजय का विषाद, न मुझे सम्मान बाँधता है, न अपमान। न जीवन, न मृत्यु—किसी में मैं आबद्ध नहीं हूँ। मैं न सत्य में बँधा हूँ, न असत्य में.. काल और महाकाल—दोनों मेरे अधीन हैं; मैं उन्हीं के माध्यम से अपने कार्य सिद्ध कराता हूँ। हे माता, यह युद्ध अवश्यम्भावी था। जो चले गए हैं, उनके लिए विलाप मत करो। जो शेष हैं—उन्हें स्वीकारो। वर्तमान को अपनाओ, क्योंकि अतीत का शोक ही दुख का मूल है.. कृष्ण की वाणी सुनकर गांधारी विलाप करती हुई कह उठती हैं.. कृष्ण…! तुम यह सब कह सकते हो, क्योंकि तुम माँ नहीं हो। तुम क्या जानो एक माँ की ममता क्या होती है? तुम क्या समझो पुत्र-शोक की असहनीय पीड़ा? तुम मोह-त्याग और ज्ञान की बातें करते हो, तो जाओ—अपनी माता देवकी से पूछो कि पुत्र-वियोग क्या होता है! पूछना उनसे— कैसा लगता था जब कंस एक-एक कर उसके कलेजे के टुकड़े छीन लेता था.. जब उसका दूध उतरता थ...

पद्म पुरस्कार 2021| पदम पुरस्कार का इतिहास All about Padam Awards

पद्म पुरस्कार 2021| पदम पुरस्कार का इतिहास All about PADAM AWARDS| 2021

पदम पुरस्कार भारत सरकार द्वारा हर वर्ष गणतंत्र दिवस यानी कि 26 जनवरी की पूर्व संध्या पर दिए जाते हैं। यह पुरस्कार भारत में तीन श्रेणियों में दिया जाता है पदम विभूषण, पदम भूषण और पद्मश्री
यह पुरस्कार देश में व्यक्ति विशेष द्वारा किए गए असाधारण और विशिष्ट सेवा उच्च क्रम की सेवा और प्रतिष्ठित सेवा में अतुलनीय योगदान देने के लिए दिया जाता है।
Padam Awards
Padam Awards

  • किसके द्वारा दिया जाता है पदम पुरस्कार?

पदम पुरस्कार हर साल पदम पुरस्कार समिति द्वारा की गई सिफारिश के आधार पर प्रदान किए जाते हैं। यह समिति हर साल प्रधानमंत्री द्वारा तैयार की जाती है। कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को पदम पुरस्कार के लिए नामांकित कर सकता है साथ ही साथ वह खुद के लिए भी नामांकन दाखिल कर सकता है।

  • पदम पुरस्कारों  का इतिहास

पदम पुरस्कार जो 1954 में स्थापित किए गए थे, हर साल दिए जाते हैं। विशेष अवसरों जैसे 1978, 1979 और 1993 से 1997 को छोड़ दिया जाए तो पदम पुरस्कार लगभग हर साल प्रदान किए गए हैं। आजादी के बाद भारत सरकार ने समाज में उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने वाले नागरिकों को सम्मान देने हेतु दो नागरिक पुरस्कार भारत रत्न और पद्म विभूषण की स्थापना की। इसके बाद तीन और वर्ग के पुरस्कार स्थापित किए गए थे प्रथम वर्ग, द्वितीय वर्ग और तृतीय वर्ग। 1955 में राष्ट्रपति द्वारा इन वर्गों का नाम बदलकर क्रमशः पद्म विभूषण पद्म भूषण और पद्मश्री कर दिया गया था।

  • भारत के नागरिक सम्मान
  1. भारत रत्न Bharat Ratna

भारत का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान भारत रत्न है। यह समाज के किसी भी क्षेत्र में असाधारण सेवा प्रदान करने हेतु दिया जाता है। भारत रत्न के लिए सिफारिश प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति को दी जाती है। 1 साल में अधिकतम 3 लोगों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है। अब तक तकरीबन 45 लोग भारत रत्न पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं जिनमें सर्व पल्ली राधाकृष्णन, चंद्रशेखर वेंकटरमन से लेकर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और 2014 में सचिन तेंदुलकर भी शामिल हैं।
Bharat Ratna
Bharat Ratna

2014 से पहले भारत खेल के क्षेत्र में नहीं दिया जाता था, लेकिन 2014 में श्री सचिन रमेश तेंदुलकर क्रिकेट के खेल में अभूतपूर्व प्रदर्शन करने के कारण भारत रत्न प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बने।

    2. पद्म पुरस्कार Padam Awards

पद्म पुरस्कारों को निम्नलिखित उपलब्धता एवं योग्यताओं के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है-

  • पदम विभूषण  Padam Vibhushan महान विभूति को मिलता है जिसने समाज में असाधारण और विशिष्ट सेवा का प्रदर्शन किया हो।
  • उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए पदम भूषण Padam Bhushan अवार्ड दिया जाता है।
  • एवं किसी क्षेत्र में विशेष सेवा प्रदान करने के लिए पदम श्री Padam Shree पुरस्कार दिया जाता है।
यह राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार हैं अतः इन में जाति, व्यवसाय, लिंग, पद इन सभी का भेदभाव किए बिना किसी भी व्यक्ति एवं महिला को इस पुरस्कार के लिए चुना जा सकता है। हालांकि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी पदम पुरस्कार प्राप्त नहीं कर सकते।

  • किन क्षेत्रों में दिया जाता है पदम पुरस्कार?

पदम पुरस्कार निम्नलिखित क्षेत्रों में असाधारण और विशिष्ट सेवा प्रदान करने के लिए दिया जाता है-

  • खेल

एथलेटिक्स, पर्वतारोहण एवं अन्य साहसिक खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन खेलों को बढ़ावा देने एवं खेल को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण प्रतिभा एवं योगदान देने वाले खिलाड़ियों को पदम पुरस्कार दिए जा सकते हैं।

  • सिविल सेवा

सरकारी कर्मचारियों द्वारा प्रशासन आदि में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं विशिष्ट सेवा देने के लिए सिविल सेवकों को भी पदम पुरस्कार दिया जा सकता है।

  • व्यापार एवं उद्योग

बैंकिंग प्रबंधन पर्यटन को बढ़ावा देने आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने एवं किसी व्यवसाय को लोकप्रिय एवं सफल बनाने के लिए सरकार द्वारा व्यक्ति विशेष को पदम पुरस्कार प्रदान किए जा सकते हैं।

  • साहित्य एवं शिक्षा

पुस्तक रचना लोकप्रिय साहित्य का निर्माण लोकप्रिय कविता लिखना शिक्षा को बढ़ावा देना साक्षरता को बढ़ावा देना समाज को शिक्षा व्यवस्था में शामिल करना तथा पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को पदम पुरस्कार दिए जा सकते हैं।

  • चिकित्सा

आयुर्वेद, होम्योपैथी एलोपैथी प्राकृतिक चिकित्सा एवं सिद्ध शास्त्र एवं चिकित्सा अनुसंधान में किया गया महत्वपूर्ण योगदान व्यक्ति विशेष को पदम पुरस्कार दिलवाने में सहायक हो सकता है।

  • कला

पेंटिंग, मूर्तिकला सिनेमा रंगमंच फोटोग्राफी एवं संगीत के क्षेत्रों में आशातीत योगदान देने पर पदम पुरस्कार प्रदान किए जा सकते हैं।

  • सार्वजनिक मामले

यदि किसी व्यक्ति को कानूनी मामलों राजनीति एवं अन्य सार्वजनिक जीवन के विषयों में व्यापक ज्ञान है एवं है इस ज्ञान का उपयोग समाज को एक सही रहा दिखाने के लिए करता है तो भारत सरकार द्वारा वह पदम पुरस्कार प्राप्त करने के योग्य है। 

  • विज्ञान एवं इंजीनियरिंग

परमाणु विज्ञान सूचना प्रौद्योगिकी अंतरिक्ष इंजीनियरिंग में विशेष योगदान देने के लिए इस क्षेत्र में भी पदम पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।

  • सामाजिक कार्य

धार्मिक सेवा धार्मिक सौहार्द बनाए रखने में विशिष्ट योगदान सामुदायिक परियोजनाओं में योगदान एवं समाज सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने पर इस क्षेत्र में भी पदम पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।

इसके अलावा भारतीय संस्कृति का प्रचार, वन्य जीव संरक्षण, एवं मानवाधकारों की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी पदम पुरस्कार प्राप्त किए जा सकते हैं।

  • पदम पुरस्कार अत्याधिक योग्य मामलों में सरकार द्वारा मरणोपरांत प्रदान किए जा सकते हैं।

  • क्या क्या मिलता है पद्म पुरस्कारों में?

पदम पुरस्कार  प्राप्त करता को भारत के राष्ट्रपति द्वारा हर साल मार्च या अप्रैल महीने में राष्ट्रपति भवन बुलाया जाता है। जहां विजेताओं को राष्ट्रपति द्वारा एक प्रमाण पत्र एक पदक प्रदान किया जाता है। पदक प्राप्तकर्ता अपने पदक को किसी भी समारोह के दौरान पहन सकते हैं एवं सभी पुरस्कार विजेताओं के नाम भारत के राजपत्र में प्रकाशित किए जाते हैं।
  • 1 वर्ष में 120 से अधिक भारतीय लोगों को पदम पुरस्कार प्रदान नहीं किया जा सकता।
  • पुरस्कार प्राप्तकर्ता अपने नाम में पहले या बाद में अपने पुरस्कारों का जिक्र नहीं कर सकते।


टिप्पणियाँ

Best From the Author

The 2025 Knowledge Stack

  The 2025 Knowledge Stack I read 34 books in 2025. If I had to distill those thousands of pages into 4 life-changing lessons, this is what they would be. 📚👇 1. On Wealth & Wisdom: "The Almanack of Naval Ravikant" This wasn't just a book; it was a manual for the modern world. The biggest takeaway? "Specific knowledge" is your superpower. Build skills that feel like play to you but look like work to others. 2. On Strategy: "Lanka ka Yuddh" by Amish Tripathi ⚔️ A masterclass in how leadership and strategy are inseparable from ethics. It’s a reminder that how you win matters just as much as the win itself. 3. On Mindset: "The Courage to Be Disliked" 🧠 A radical lesson in emotional freedom. Most of our stress comes from trying to meet others' expectations. Real growth starts when you have the courage to be your authentic self, regardless of the "likes". 4. On Discipline: "Make Your Bed" by Admiral William H. McRaven...

जब आपके अंदर काबिलियत हो तो समय आपका स्वयं इंतजार करता है, इतिहास रचवाने के लिए

जब आपके अंदर काबिलियत हो तो समय आपका स्वयं इंतजार करता है, इतिहास रचवाने के लिए      बात उन दिनों की है, भारतीय क्रिकेट टीम 2003 का वर्ल्डकप   फाइनल ऑस्ट्रेलिया से हार रही थी। अकेला पोंटिंग भारी पड़ रहा था, और अंततः पोंटिंग की वजह से ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हरा कर विश्व कप जीत लिया। भारतीय टीम के बड़े बड़े धुरंधर सौरव गांगुली, युवराज सिंह, सचिन तेंदुलकर, जाहिर खान, मोहम्मद कैफ उस दिन ऐसे बेबस थे जैसे वो दिन बस रिकी पॉन्टिंग के लिए ही बना हो। उन्ही दिनों खड़गपुर रेलवे क्वार्टर में अपने दोस्तों के साथ टीवी पर मैच देख रहा था। सचिन के आउट होने ही वो उठा और चाय बनाने चल दिया। इधर पतीली में चाय उबल रही थी और उधर उसके दिमाग में अपने खेल को आगे बढ़ाने की कोशिशें उबल रही थी। गैस को बढ़ा कर उसने उबलने की गति कुछ और बढ़ाई ही थी कि दोस्तों की खुसुर पुसुर से उसके दिमाग में उबाल बढ़ने लगे। "ई युवरजवा और कैफवा तो अपने महिया के साथ ही खेलत बा ना। पता नहि अपने महिया का नंबर कब लागेल।" वो चुप चाप सुन कर मुस्कुराता रहा और चाय बना कर लाता रहा। ठीक चार साल बाद जब वो आउट हुआ तो भारतीय दर्...

फिल्म विवेचना: वीर सावरकर Veer Savarkar Movie review

फिल्म विवेचना: स्वतंत्र वीर सावरकर Poster from Savarkar Movie इस फिल्म के साथ भी वही हुआ जो स्वर्गीय विनायक दामोदर सावरकर जी जीवित थे तब उन के साथ हुआ था।सब अच्छा था लेकिन अपनो ने ही साथ नही दिया!विस्तार से लिखने वाली हु।पढ़ने का मन हो पढ़िए । नही पढ़ना तो भी कोई बात नही। सावरकर कौन थे ?नही जानती आज की पीढ़ी क्युकी उसे सावरकर की जगह अकबर,बाबर ही स्कूलों में पढ़ाए गए।दस साल की उमर में क्रांतिकारी संगठन शुरू करने वाले बालक विनायक।उन्नीस की उमर में भारत की सब से पहली और सब से बड़ी सीक्रेट सोसायटी अभिनव भारत को शुरू करने वाले सावरकर (याद रखिए,इन्ही सीक्रेट सोसायटीज के चलते जर्मनी,इटली,सोवियत वगैरा स्वतंत्र हुए थे ) । दर्जनों अंग्रेजी अफसरों को भारत की भूमि पर उड़ाने वाले सावरकर , यहां तक अंग्रेजो की भूमि इंग्लैंड में अंग्रेजी ऑफिशियल को मरवाने वाले सावरकर ,बम बनाने का फॉर्मूला भारत भेजने वाले सावरकर ,ब्रिटिश सरकार के नंबर वन मोस्ट वांटेड सावरकर ,कलापानी की सजा हुए पहले राजनीतिक कैदी सावरकर ,जिन की एक एक किताब की एक एक कापी अंग्रेजो ने जलाने के लिए ऑपरेशन लॉन्च किया था क्युकी उन्हे पढ़ने वा...

Elon Musk दूर करेंगे दुनिया की भूख| Elon Musk to remove World Hunger Problem

Elon Musk दूर करेंगे दुनिया की भूख| Elon Musk to remove World Hunger Problem 300Billion $ की संपत्ति के बाद Elon Musk जी हां, आपने सही पड़ा। दुनिया का सबसे अमीर आदमी पूरी दुनिया से भुखमरी को खत्म करने के लिए आगे आ चुका है। एलन मस्क ने कहा है कि यदि उन्हें वर्ल्ड फूड प्रोग्राम एक ऐसा प्लान बता दे जिसकी वजह से 6 बिलियन डॉलर में पूरी दुनिया में से भुखमरी खत्म हो जाएगी तो वह निश्चित तौर पर ऐसा करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेरी और पैसे की आवश्यकता होगी तो वह अपनी टेस्ला की हिस्सेदारी भी बेच देंगे। Elon Musk दूर करेंगे दुनिया की भूख: क्या है पूरा मामला? अभी कुछ दिनों पहले ही टेस्ला कंपनी के सह संस्थापक और अमेरिका के उद्योगपति एलन मस्क दुनिया के सबसे अधिक संपत्ति वाले व्यक्ति बन गए। उनकी कुल संपत्ति 300 बिलियन डॉलर के पार चली गई। इतनी संपत्ति पाकिस्तान जैसे देश की पूरी जीडीपी से भी ज्यादा है। ईश्वर बधाई देते हुए वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने एक ट्वीट किया कि यदि एलोन मस्क चाहे तो उनकी पूरी आए का केवल 2% भाग से पूरी दुनिया से भुखमरी हटाई जा सकती है। जिसके जवाब में एलोन मस्क ने कहा कि यदि ...

बच्चे और कार्टून ।।A blogpost by Abiiinabu ।।

  बच्चे और कार्टून Modern Day cartoons      आज ऑफिस से घर आ रहा था, तो सीढ़ियां चढ़ते हुए पडोसी के टीवी की आवाज बहार से सुनी, किसी भारतीय अभिनेता की आवाज़ में कोई कार्टूनि आवाज लग रही थी। मैं उनके बच्चे को जनता हूँ, शर्त लगा के कह सकता हूँ कि कोई कार्टून ही चल रहा होगा।  ऐसे ही आते आते मन में सवाल आये कि हमारा बचपन शायद अच्छा था।  मैं कोई नई बात नहीं कर रहा हूँ।  अगर आप यह ब्लॉग पढ़ रहे हैं और आपकी उम्र 20 वर्ष या उससे ज़्यादा है, तब तो आप निश्चित ही मेरी बात सही मान रहे होंगे।  और यदि आप प्रौढ़ावस्था में पहुँच चुके हैं तब तो आप निश्चित रूप से कभी न कभी हम सबसे ही परेशान रहे होंगे।  मैं आज एक विश्लेषण करना चाहता हूँ, मैं ये जानना चाहता हूँ कि हमारे बचपन में जो  Cartoon आते थे वो हमको तब ज़्यादा सिखाते थे या आजकल जो कार्टून बच्चों को दिखाए जाते हैं उनसे उनका विकास हो रहा है?      यदि मैं ठीक हूँ तो जो लोग 90s में पैदा हुए हैं उनके लिए 2007 तक, जब तक भारत में एंटरटेनमेंट के नाम पर सिर्फ और सिर्फ टीवी ही था। उस समय के कार्टून...