इस साल बाज़ार में जितने जामुन दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले दो दशकों में कभी नहीं देखे। जामुन के अक्षरशः ढेर लग रहे हैं (नीचे गिर रहे हैं)। जिन पेड़ों पर पिछले साल इक्का-दुक्का फल आए थे, वे पेड़ भी इस बार जामुन से पटे पड़े हैं। जहाँ फल आए थे, वहाँ अब उन का अंबार लगना शुरू हो गया है। आखिर यह सब क्या चल रहा है? हमारी दादी/नानी हमेशा कहती थीं कि, "जिस गर्मियों में जामुन के ऐसे ढेर लगते हैं, उस साल सूखा पड़ता है।" बुजुर्गों का यह पारंपरिक ज्ञान वनस्पति विज्ञान (Botany) के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बिल्कुल सही और सटीक है। विज्ञान में इस दिलचस्प और उतनी ही चौंकाने वाली प्रक्रिया को "मास्टिंग" (Masting) या "स्ट्रेस फ्रूटिंग" (Stress Fruiting) कहा जाता है। पेड़ों द्वारा खुद को खत्म करके ज्यादा से ज्यादा फल देने के इस आखिरी प्रयास को कभी-कभी "सुसाइड फ्रूटिंग" (Suicide Fruiting) या "बंपर क्रॉप" भी कहा जाता है। यह असल में क्या है और इसके पीछे का विज्ञान क्या कहता है, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं: १. 'सर्वाइवल इंस्टिंक्ट' (अस्ति...
मतलब अमेरिका की खोज कोलंबस ने नहीं की थी| Who Discovered America छठी कक्षा. इतिहास का घंटा... प्रो इतिहासकार मास्टर जी - अमेरिका की खोज किसने की थी? ले टॉपर बेटा - अमेरिका की खोज कोलंबस ने की थी। हो सकता है आने वाले समय में यह जवाब गलत हो। आखिर क्यों चलिए जानते हैं इस ब्लॉग में- Who Really Discovered America? अगर आप भी आज तक यही मानते आए हैं कि अमेरिका की खोज क्रिस्टोफर कोलंबस ने की थी तो शायद यह ब्लॉग आप को गलत साबित कर दे। अभी तक तो यही माना जाता आ रहा है कि अमेरिका की खोज क्रिस्टोफर कोलंबस ने 12 अक्टूबर 1492 को की थी। लेकिन सयाने लोगों की नई स्टडी ने यह दावा कर दिया है कि अमेरिका की खोज कोलंबस ने नहीं यूरोपीय लोगों ने कोलंबस से बहुत पहले कर दी थी। शोधकर्ताओं का मानना है कि अमेरिका की खोज वाइकिंगस ने कोलंबस से तकरीबन 500 साल पहले कर दी थी। उस जमाने में वाइकिंग्स को समुद्री डाकू खोजकर्ता या व्यापारी कहा जाता रहा होगा। क्या दावा किया गया है नए शोध में शोधकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने वह वर्ष ज्ञात कर लिया है जब क्रिस्टोफर कोलंबस से पहले नॉर्थ अमेरिका में यूरोपीय लोगों ने अपनी ब...