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अप्रैल, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Laxman VS Karna

 "रामायण के लक्ष्मण या महाभारत के कर्ण में से शक्तिशाली कौन थे?"  आदर के साथ कहना चाहूंगा कि आपका ये प्रश्न ही अनुचित है। पौराणिक पात्रों की तुलना करते समय हम जो सबसे बड़ी गलती करते हैं, वो वही है जो आपने अपने इस प्रश्न में की है। सदा स्मरण रखें कि कभी भी किसी दो के योद्धाओं की तुलना आपस मे ना करें क्योंकि वो तर्कसंगत नही है। बात यहाँ लक्ष्मण और कर्ण की नहीं है, बात ये भी नहीं है कि कर्ण के स्थान पर यहाँ अर्जुन होते, द्रोण होते, भीष्म होते या कोई और। बात ये है कि एक त्रेतायुग के योद्धा की तुलना एक द्वापरयुग के योद्धा से करना ही गलत है। आपको मेरे उत्तर से निराशा हो सकती है क्यूंकि मैं यहाँ लक्ष्मण और कर्ण का कोई भी तुलनात्मक अध्ययन नहीं करने वाला हूँ। इसका एक कारण ये भी है कि लक्ष्मण से कर्ण या अर्जुन की तुलना करना भी वीरवर लक्ष्मण का अपमान होगा। मैं बस ये साफ़ करना चाहता हूँ कि इस प्रकार के कपोलकल्पना से भरे प्रश्न क्यों अनुचित हैं। अगर आप मुझसे सहमत ना हों तो क्षमा चाहूँगा। जब हम अपने धर्मग्रंथों को पढ़ते हैं तो कई ग्रंथों, विशेषकर पुराणों में अलग-अलग युगों के व्यक्तियों के ...

क्या सिर्फ बातों से होगी महिला सुरक्षा? Will only things & sweet talks protect women? Women Empowerment or women safety by Abiiinabu

Women Empowerment or women safety|क्या सिर्फ बातों से होगी महिला सुरक्षा?      आज का अवसर केवल औपचारिकता का अवसर नहीं है। यह चिंतन और स्मरण की वेला है। हम विकास का दंभ भरने लगे हैं और पाश्चात्य संस्कृति और सभ्यता का अनुसरण इस हद तक करने लगे हैं कि पाश्चात्य संस्कृति और सभ्यता हमारे घर के खिड़की दरवाजे तोड़ने के साथ साथ घर की स्वीकारें तोड़ने को भी तैयार खड़ी हैं। विकास के बढ़ते पैमाने ने हमारी नैतिकता का स्तर इस हद तक गिराया है कि हम संवेदना शून्य होते चले जा रहे हैं। हालात ये हैं कि गणतंत्र दिवस पर जिस शान ओ शौकत से हमारी आंखें चुंधिया रही हैं। उसी से कुछ ही दिन पूर्व मध्य प्रदेश में मानवता की हत्या के देने वाली एक घटना सामने आई। उमरिया जिले में अपनी मां से मिलने आई 13 वर्षीय लड़की का अपहरण किया गया। अपहरण करने वाले 2 युवकों ने लड़की के साथ बलात्कार किया। लेकिन बात सिर्फ यही नहीं है, बात अलग ये है कि जब लड़के, उस लड़की को लेकर पास के ढाबे के पास गए। ढाबे वाले को जब कुछ मामला गड़बड़ लगा तो उसने लड़की से पूछना शुरू किया जिससे घबरा कर दोनों लड़के उस लड़की को वहीं पर छोड़ कर...

पार्टी में ओपन सोडा पीने से पहले एक बार सोच ले, महिलाएं जरूर पढ़ें ।।What is Rhypnol, be aware of Party drug, female readers must know about this।। Abiiinabu।।

What is Rhypnol, be aware of Party drug, female readers must know about this।। Abiiinabu।।पार्टी में ओपन सोडा पीने से पहले एक बार सोच ले, महिलाएं जरूर पढ़ें  कुछ दिनों से सोच रहा था कि कुछ ऐसा लिखूं, जिससे मुझे संतुष्टि और आपको फायदा दोनो मिलें यही सोचते सोचते न्यूज वाली एप्लीकेशन ( नाम नहीं बताऊंगा ऊ काहे कि नाम लिखने का पैसा नही दिया है उन्होंने) स्क्रॉल कर रहा था। वहां एक न्यूज देखी तो स्तब्ध रह गया। मतलब मुझे न्यूज में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की खबरें पढ़ने की आदत सी हो चली थी, लेकिन इसको पढ़ कर दिल में बस दो ही बातें आईं।  पहली तो ये कि ऐसा कैसे हो सकता है। और दूसरी ये कि कोई इतना नीच कैसे हो सकता है। दोनो का सार भी बताऊंगा लेकिन बाद में, पहले आप लोग खबर सुनो, खबर ये थी कि किसी शहर में दोस्तों के साथ पार्टी कर रही लड़की के साथ चार लड़कों ने कुकृत्य किया। लेकिन इसमें चौंकाने वाली बात ये कि लड़की को पता ही नही था कि उसके साथ ऐसा किया जा चुका है। ना शरीर पर चोटों के निशान, ना नाखून की खरोंचें, और ना शोर शराबा। एक बार को तो लगा की लड़की झूठ बोल रही है, ले...

आत्महत्या समाधान नही है रे... Suicide is not the solution। Abiiinabu।

आत्महत्या समाधान नही है रे... Suicide is not the solution। Abiiinabu।            वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जीवन की सार्थकता और संप्रभुता पर कुछ भी लिखना बिल्कुल वैसा ही है जैसे ढाई साल के बच्चे को न्यूटन की गति के नियम समझाना और उनसे यह आशा भी रखना कि वे इन नियमों को समझे भी और इनकी सार्थकता की सिद्धि हेतु आपसे स्वयं प्रश्न पूछें। अर्थात जिस प्रकार छोटे बच्चे को भौतिक संसार के नियमों का अर्थ तक न पता हो, उससे विज्ञान के गूढ़ रहस्यों के बारे में चर्चा करना व्यर्थ ही है। वर्तमान समय में भौतिक संसार की रूपरेखा कुछ इस प्रकार की जा रही है जैसे जो कुछ है अभी है, कल कुछ भी नही है। भौतिक संसाधनों का उपभोग करने के प्रयत्न में हम यह तक भूल जा रहे हैं कि यदि जान है तो जहान है। माना जीवन में कुछ पल अवसाद के आते हैं, कुछ क्षणों में ऐसा लगता है मानो सब कुछ समाप्त हो गया हो, कभी कभी जीवन समाप्त कर इहलोक पारगमन का घृणित विचार भी मस्तिष्क के किसी कोने में पुंजायमान हो सकता है। तब इसका अर्थ यह नही की आप अपना जीवन ही समाप्त करने चलें। इन सब बातों को करने के लिए मेरी स्वयं...

जब आपके अंदर काबिलियत हो तो समय आपका स्वयं इंतजार करता है, इतिहास रचवाने के लिए

जब आपके अंदर काबिलियत हो तो समय आपका स्वयं इंतजार करता है, इतिहास रचवाने के लिए      बात उन दिनों की है, भारतीय क्रिकेट टीम 2003 का वर्ल्डकप   फाइनल ऑस्ट्रेलिया से हार रही थी। अकेला पोंटिंग भारी पड़ रहा था, और अंततः पोंटिंग की वजह से ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हरा कर विश्व कप जीत लिया। भारतीय टीम के बड़े बड़े धुरंधर सौरव गांगुली, युवराज सिंह, सचिन तेंदुलकर, जाहिर खान, मोहम्मद कैफ उस दिन ऐसे बेबस थे जैसे वो दिन बस रिकी पॉन्टिंग के लिए ही बना हो। उन्ही दिनों खड़गपुर रेलवे क्वार्टर में अपने दोस्तों के साथ टीवी पर मैच देख रहा था। सचिन के आउट होने ही वो उठा और चाय बनाने चल दिया। इधर पतीली में चाय उबल रही थी और उधर उसके दिमाग में अपने खेल को आगे बढ़ाने की कोशिशें उबल रही थी। गैस को बढ़ा कर उसने उबलने की गति कुछ और बढ़ाई ही थी कि दोस्तों की खुसुर पुसुर से उसके दिमाग में उबाल बढ़ने लगे। "ई युवरजवा और कैफवा तो अपने महिया के साथ ही खेलत बा ना। पता नहि अपने महिया का नंबर कब लागेल।" वो चुप चाप सुन कर मुस्कुराता रहा और चाय बना कर लाता रहा। ठीक चार साल बाद जब वो आउट हुआ तो भारतीय दर्...

मिडिल क्लास प्यार

     प्रेम में हारे हुए लडके सभी कबीर सिंह बनके नहीं घूम सकते उन्हें निभानी होती हैं जिम्मेदारियां दबे होते हैं वो मां-बाप की ख्वाहिशों के तले जुटे रहते हैं उनके सपने पूरे करने में अपने दर्द को सीने से लगाए हुए! उन्हें खुद की कोई परवाह नही होती उन्हें कुछ फर्क नही पड़ता कि वो कैसे दिख रहे है खुद का ध्यान रखना छोड़ देते है उनकी दाढ़ी बढ़े या बाल उन्हें कुछ फर्क नही पड़ता मानो सारी इच्छाये मर सी गयी हो वो नही चाहते कि कोई चाहे अब हमें हमेशा अकेले में भी मुस्कुराते रहने वाले भीड़ में भी खुद को तनहा महसूस करने लग जाते है जिन्हें कभी रात के अंधेरे में डर लगता था वो घंटो अकेले शांत जगह पर बैठकर चाँद तारों को देखते रहते है दिनभर कितने ही उदास क्यों ना हो लोगो के सामने  मुस्कुराने की झूठी कोशिस करते रहते है  जैसे ही दिन ढलता है रात के अंधेरे में चाँद तारों को देखते हुए शिकायते करते रहते है क्योंकि उनका सभी से भरोसा उठ गया होता है आंखे आंसुओ से भर जाती है लेकिन आंसू को आंख से गिरने नही देते लंबी सांस लेकर खुद को समझाने की कोशिश करते है कि सब ठीक हो जाएगा! सच तो ये है की उन्हें...