सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Suicide Fruiting

इस साल बाज़ार में जितने जामुन दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले दो दशकों में कभी नहीं देखे। ​जामुन के अक्षरशः ढेर लग रहे हैं (नीचे गिर रहे हैं)। जिन पेड़ों पर पिछले साल इक्का-दुक्का फल आए थे, वे पेड़ भी इस बार जामुन से पटे पड़े हैं। जहाँ फल आए थे, वहाँ अब उन का अंबार लगना शुरू हो गया है। ​आखिर यह सब क्या चल रहा है? ​हमारी दादी/नानी हमेशा कहती थीं कि, "जिस गर्मियों में जामुन के ऐसे ढेर लगते हैं, उस साल सूखा पड़ता है।" ​बुजुर्गों का यह पारंपरिक ज्ञान वनस्पति विज्ञान (Botany) के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बिल्कुल सही और सटीक है। विज्ञान में इस दिलचस्प और उतनी ही चौंकाने वाली प्रक्रिया को "मास्टिंग" (Masting) या "स्ट्रेस फ्रूटिंग" (Stress Fruiting) कहा जाता है। ​पेड़ों द्वारा खुद को खत्म करके ज्यादा से ज्यादा फल देने के इस आखिरी प्रयास को कभी-कभी "सुसाइड फ्रूटिंग" (Suicide Fruiting) या "बंपर क्रॉप" भी कहा जाता है। ​यह असल में क्या है और इसके पीछे का विज्ञान क्या कहता है, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं: ​१. 'सर्वाइवल इंस्टिंक्ट' (अस्ति...

पार्टी में ओपन सोडा पीने से पहले एक बार सोच ले, महिलाएं जरूर पढ़ें ।।What is Rhypnol, be aware of Party drug, female readers must know about this।। Abiiinabu।।

What is Rhypnol, be aware of Party drug, female readers must know about this।। Abiiinabu।।पार्टी में ओपन सोडा पीने से पहले एक बार सोच ले, महिलाएं जरूर पढ़ें 

कुछ दिनों से सोच रहा था कि कुछ ऐसा लिखूं, जिससे मुझे संतुष्टि और आपको फायदा दोनो मिलें यही सोचते सोचते न्यूज वाली एप्लीकेशन ( नाम नहीं बताऊंगा ऊ काहे कि नाम लिखने का पैसा नही दिया है उन्होंने) स्क्रॉल कर रहा था। वहां एक न्यूज देखी तो स्तब्ध रह गया। मतलब मुझे न्यूज में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की खबरें पढ़ने की आदत सी हो चली थी, लेकिन इसको पढ़ कर दिल में बस दो ही बातें आईं।

 पहली तो ये कि ऐसा कैसे हो सकता है। और दूसरी ये कि कोई इतना नीच कैसे हो सकता है। दोनो का सार भी बताऊंगा लेकिन बाद में, पहले आप लोग खबर सुनो, खबर ये थी कि किसी शहर में दोस्तों के साथ पार्टी कर रही लड़की के साथ चार लड़कों ने कुकृत्य किया। लेकिन इसमें चौंकाने वाली बात ये कि लड़की को पता ही नही था कि उसके साथ ऐसा किया जा चुका है। ना शरीर पर चोटों के निशान, ना नाखून की खरोंचें, और ना शोर शराबा। एक बार को तो लगा की लड़की झूठ बोल रही है, लेकिन फोरेंसिक ब्लड रिपोर्ट ने लड़की के खून में एक केमिकल होने की पुष्टि कर दी। केमिकल का नाम है रोहिपनोल (Rohypnol)

        इस केमिकल की खास बात ये है कि ये विक्टिम के शरीर में जाने के बाद उसको निश्चेत के देता है, और अगले दिन विक्टिम को कुछ भी याद नहीं रहता।  Rohypnol को अब रेप करने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसीलिए इसको रेप ड्रग भी कहा जा रहा है।

  • Rohypnol के बारे जानिए :

यह एक छोटी गोली है जो आजकल रेपिस्टों द्वारा पार्टी में अपने टारगेट का शिकार करने के लिए इस्तेमाल हो रही है।
यह ड्रग टारगेट ( अमूमन जिसका बलात्कार किया जाता है) का दिमाग ब्लॉक कर देती है, जिससे वह प्रतिरोध करने की हालत में नहीं रहती, और असर खत्म हो जाने के बाद महिला को कुछ भी याद नहीं रहता।
ज्यादातर इस ड्रग को किसी ड्रिंक में मिला कर दिया जाता है।

Rohypnol जल्दी और आसानी से घुल जाती है। इसके मिलाए जाने से किसी भी प्रकार का रंग एवं स्वाद में परिवर्तन नहीं होता है। जिस कारण इसको डिटेक्ट करना लगभग असम्भव सा हो जाता है।
इसका असर कम से कम 30 मिनट बाद शुरू होता है, और 2 घंटे में पीड़ित लगभग पैरालाइज हो जाता है। वह केवल जमीन पर लेट सकता है, आंखें खोल सकता है, सबकुछ देख सकता है लेकिन प्रतिरोध नहीं कर सकता। और उसके बाद याददाश्त गायब हो जाती है और वो सबकुछ भूल जाता है।
पीड़ित को पेशीय हरकत करने में मुश्किल होती है, वो कन्फ्यूज सा हो जाता है, बेहोशी और स्मृतिलोप हो जाता है।

  • कैसे बचें Rohypnol से :

Rohypnol  से बचने का केवल एक ही तरीका है, " सतर्कता"। व्यक्ति, विशेषकर महिलाएं इसे अधिक ग्रस्त होती हैं। लेकिन सतर्कता बरत कर आप इससे और अपराध होने से बच सकती हैं.
• पार्टी में खुली सोडा पीने से बचें।
• जहां तक हो सीलबंद बोतल से पीने की चीज पिएं।
• अपने आस पास नजरें चौकस रखें।
• जहां तक मुमकिन हो किसी अजनबी से कुछ भी खाने पीने की चीज लेने से बचें।

पुरुष वर्ग कृपया ये ध्यान रखें कि आपने घर में भी मां, बहन हैं। महिलाओं का सम्मान करना सीखें, और यदि नहीं आता है तो जाकर किचन में अपनी मां की मदद करें। 
कुल मिला कर बात ये है की ज़माना बहुत ही ज्यादा खराब है। सावधानी रखें, काहे कि सुरक्षा हटी तो दुर्घटना घटी।
बाकी सार ये है कि आम लोगों को इसके बारे में अधिक नहीं पता होता। यदि आपको पता है तो आप या तो पढ़े लिखे हो, या फिर प्रोफेशनल हो। अपने ज्ञान का उपयोग समाज की भलाई के उद्देश्य से करें तो सभी के लिए अच्छा होगा।
-Abiiinabu

अगर लेख अच्छा लगा हो तो, लाइक, शेयर, फॉलो ,सब्सक्राइब, कॉमेंट जो जी चाहे करें। बस करें दिल खोल कर।


Disclaimer:- This article is written only for educational and informative purposes. There is no intention to hurt anyone's feelings. This article is the original property of Abiiinabu. All data and knowledge are referred to by various books and facts. Pictures that I used are not mine, credit for those goes to their respected owners. 


Follow the Author:-

instagram :-  www.instagram.com/abiinabu
twitter :- www.twitter.com/aabhinavno1

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

If you have any doubt please let me know.

Best From the Author

Suicide Fruiting

इस साल बाज़ार में जितने जामुन दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले दो दशकों में कभी नहीं देखे। ​जामुन के अक्षरशः ढेर लग रहे हैं (नीचे गिर रहे हैं)। जिन पेड़ों पर पिछले साल इक्का-दुक्का फल आए थे, वे पेड़ भी इस बार जामुन से पटे पड़े हैं। जहाँ फल आए थे, वहाँ अब उन का अंबार लगना शुरू हो गया है। ​आखिर यह सब क्या चल रहा है? ​हमारी दादी/नानी हमेशा कहती थीं कि, "जिस गर्मियों में जामुन के ऐसे ढेर लगते हैं, उस साल सूखा पड़ता है।" ​बुजुर्गों का यह पारंपरिक ज्ञान वनस्पति विज्ञान (Botany) के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बिल्कुल सही और सटीक है। विज्ञान में इस दिलचस्प और उतनी ही चौंकाने वाली प्रक्रिया को "मास्टिंग" (Masting) या "स्ट्रेस फ्रूटिंग" (Stress Fruiting) कहा जाता है। ​पेड़ों द्वारा खुद को खत्म करके ज्यादा से ज्यादा फल देने के इस आखिरी प्रयास को कभी-कभी "सुसाइड फ्रूटिंग" (Suicide Fruiting) या "बंपर क्रॉप" भी कहा जाता है। ​यह असल में क्या है और इसके पीछे का विज्ञान क्या कहता है, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं: ​१. 'सर्वाइवल इंस्टिंक्ट' (अस्ति...

Not demonic, just introverted! आसुरी नहीं, अंतर्मुखी!

मैं 27 मूल नक्षत्रों, शनिवार और 22 तारीख को जन्मा व्यक्ति हूँ — एक ऐसा जन्म‑संयोग जो न सिर्फ़ मेरी तिथि बताता है, बल्कि मेरे भीतर की गहराई, द्वंद्व और अस्थिरता का भी संकेत देता है। राहु के प्रबल और दूरदर्शी प्रभाव ने मेरे व्यक्तित्व को सीधे, सरल और सतही नहीं रहने दिया; मैं विचारों की उस गहरी खाई में अक्सर भटक जाता हूँ, जहाँ हर बात बस बाहरी रूप नहीं, बल्कि भीतरी अर्थ भी धरती होता है। मैं हर निर्णय के पीछे छिपे संभावित नतीजों, अनजाने खतरों और छिपी हुई उम्मीदों को भी देखने का आदी हूँ।   कभी‑कभी लोग मेरे कार्यों, अभिव्यक्ति और निर्णयों को असामान्य, अत्यंत गहन या यहाँ तक कि “आसुरी” समझने लगते हैं, क्योंकि मेरी सोच उनकी सामान्य धारणाओं की रेखाओं से बाहर निकल जाती है। पर यह आसुरी नहीं, बस एक टूटी हुई, खुरदरी और अत्यंत ईमानदार आत्मा की आवाज़ है, जो दिखावे की दुनिया से थक चुकी है और अपने सच्चे रूप में जीना चाहती है। मैं जब भी बोलता हूँ, तो बस शब्द नहीं बोलता, बल्कि उसके पीछे समा दर्द, संघर्ष, अनुभव और उम्मीदों को भी लाता हूँ।   मेरी पहचान में ग्रहों का भी बड़ा हाथ है। जब ग्रह ही वही है...

The 2025 Knowledge Stack

  The 2025 Knowledge Stack I read 34 books in 2025. If I had to distill those thousands of pages into 4 life-changing lessons, this is what they would be. 📚👇 1. On Wealth & Wisdom: "The Almanack of Naval Ravikant" This wasn't just a book; it was a manual for the modern world. The biggest takeaway? "Specific knowledge" is your superpower. Build skills that feel like play to you but look like work to others. 2. On Strategy: "Lanka ka Yuddh" by Amish Tripathi ⚔️ A masterclass in how leadership and strategy are inseparable from ethics. It’s a reminder that how you win matters just as much as the win itself. 3. On Mindset: "The Courage to Be Disliked" 🧠 A radical lesson in emotional freedom. Most of our stress comes from trying to meet others' expectations. Real growth starts when you have the courage to be your authentic self, regardless of the "likes". 4. On Discipline: "Make Your Bed" by Admiral William H. McRaven...

Ten Dikpalas of Hindu Religion

 The 10 Dikpàlas (deities presiding over the ten directions) in Sanatan Dharm 1. Kubera - Guardian of the North Direction 2.Yamraj - Guardian of the South Direction 3. Indra - Guardian of the East Direction 4. Varuna - Guardian of the West Direction 5.Agni -Guardian of the South-East Direction 6.Nirrti - Guardian of the South-West Direction 7. Vàyu - Guardian of the North-West Direction 8. Īśāna - Guardian of the North East Direction 9. Bhagwan Brahmà - Guardian of the Zenith (Highest point in the celestial sphere) 10. Sesa - Guardian of the Nadir (The point in the celestial sphere which is directly opposite the zenith)

सूफी संतों और शायरों की पोषित धरती बदायूं

एक समय था जब ऐतिहासिक शहर बदायूं (जिसे बदायूं भी कहा जाता है और बदायूं भी कहा जाता है), रोहिलखंड क्षेत्र के केंद्र में, तीन चीजों के लिए जाना जाता था: पीर, कवि और पेरा। 13वीं सदी के सूफी संत, निजामुद्दीन औलिया का जन्म यहीं हुआ था और दो प्रमुख दरगाहों को छोटे सरकार और बड़ी सरकार के नाम से जाना जाता है, जिसमें दूर-दूर से हजारों लोग आते थे। यहां बनाया गया पेरा - विशेष रूप से मम्मन खान हलवाई के मीठे दूध से, उसके सुनहरे-भूरे रंग तक उबाला गया, कुछ दानेदार अवशेषों को डिस्क में संपीड़ित किया जा सकता था और पाउडर चीनी के साथ छिड़का जा सकता था - एक 'पेरा बेल्ट' में अपने प्रशंसकों का उचित हिस्सा खींचा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का घेरा। लेकिन यह सूफियों, कवियों और पत्रों के पुरुषों और महिलाओं ने वास्तव में, इस अन्यथा गैर-वर्णनात्मक, धूल भरे, छोटे शहर को मानचित्र पर रखा था। यह एक बार कहा गया था, केवल आंशिक रूप से मजाक में, कि यदि आप इस शहर में कहीं भी एक व्यस्त चौराहे पर एक कंकड़ फेंकते हैं, तो यह निश्चित रूप से एक कवि को मारा जाएगा - या दो! सोत नदी के किनारे बसे इस छोटे से शहर के बारे में कुछ थ...