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कर्म फल तो भोगना ही पड़ेगा

 महाभारत के भयंकर नरसंहार के बाद पुत्र-वियोग में तड़पती गांधारी जब श्रीकृष्ण को शाप देने के लिए आगे बढ़ती हैं, तब श्रीकृष्ण शांत स्वर में कहते हैं— माते!  मैं शोक, मोह और पीड़ा—इन सबसे परे हूँ, न मुझे विजय का गर्व है, न पराजय का विषाद, न मुझे सम्मान बाँधता है, न अपमान। न जीवन, न मृत्यु—किसी में मैं आबद्ध नहीं हूँ। मैं न सत्य में बँधा हूँ, न असत्य में.. काल और महाकाल—दोनों मेरे अधीन हैं; मैं उन्हीं के माध्यम से अपने कार्य सिद्ध कराता हूँ। हे माता, यह युद्ध अवश्यम्भावी था। जो चले गए हैं, उनके लिए विलाप मत करो। जो शेष हैं—उन्हें स्वीकारो। वर्तमान को अपनाओ, क्योंकि अतीत का शोक ही दुख का मूल है.. कृष्ण की वाणी सुनकर गांधारी विलाप करती हुई कह उठती हैं.. कृष्ण…! तुम यह सब कह सकते हो, क्योंकि तुम माँ नहीं हो। तुम क्या जानो एक माँ की ममता क्या होती है? तुम क्या समझो पुत्र-शोक की असहनीय पीड़ा? तुम मोह-त्याग और ज्ञान की बातें करते हो, तो जाओ—अपनी माता देवकी से पूछो कि पुत्र-वियोग क्या होता है! पूछना उनसे— कैसा लगता था जब कंस एक-एक कर उसके कलेजे के टुकड़े छीन लेता था.. जब उसका दूध उतरता थ...

नोबेल पुरस्कार 2021|Nobel Prize 2021

नोबेल पुरस्कार 2021|Nobel Prize 2021

इस साल के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है। हर साल की तरह इस साल भी 6 क्षेत्रों में, नोबेल पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। जिनमें चिकित्सा, भौतिक शास्त्र, रसायन, साहित्य, शांति, एवं अर्थशास्त्र शामिल हैं।

  • चिकित्सा का Nobel Prize 2021 

इस साल का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के David Julius और Ardem Patapautian को दिया गया है।
Nobel Prize Medicine
Source: Office Nobel Prize website

उनको यह पुरस्कार तापमान एवं दाब को शरीर के तंत्रिका तंत्र में पहुंचाने वाले परीक्षकों के क्रियाकलप के पर्यवेक्षण के लिए दिया गया है। [Discovery of the Receptors for Temperature & Touch]
पुरस्कार के स्वरूप उनको 10 मिलीयन स्वीडिश क्रोनर एक प्रशस्ति पत्र एवं एक स्वर्ण पदक दिया जाएगा। 

  • साहित्य का Nobel Prize 2021

वर्ष 2021 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार, अब्दुल रज्जाक गुरनाह  को दिया गया है। उन्हें यह पुरस्कार अपनी समस्त लिख न्यू में उपनिवेशवाद एवं शरणार्थियों की स्थिति को बहुत ही मार्मिक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए दिया गया है। उनकी रचनाओं में अफ्रीका एवं यूरोप के सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी वर्णन मिलता है।
Gurnah Nobel
Source: Official Nobel Prize site

अब्दुल रजाक गुरनह का जन्म ब्रिटिश कॉलोनी तंजानिया में जंजीबार द्वीप पर हुआ था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा इंग्लैंड में ग्रहण की। उनके अब तक 10 उपन्यास एवं कई कहानियां प्रकाशित हो चुकी हैं। जिनमें से Paradise, Desertion और By the Sea उनकी प्रमुख कृतियां हैं। 
उन्हें Paradise के लिए Booker एवं Whitbread पुरस्कार के लिए नामांकित भी किया गया था।
गौरतलब हो कि साहित्य का पहला पुरस्कार फ्रेंच लेखक Sully Pradhomme को दिया गया था। साहित्य का पहला नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिला स्वीडन की Selma Lagrelöf थी, जिन्हें 1909 में यह पुरस्कार दिया गया था।
साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले एकमात्र भारतीय गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर हैं।

  • भौतिकी का Nobel Prize 2021

इस साल का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को दिया गया है-  Syukuro Manave, Klaus Hasselmann और Giorgio Parisi. 
Physics Nobel 2021
Source: Official Website

Syukuru Manabe ने 1960 के दशक में यह बताया कि कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन की वजह से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती है, एवं इसका डेमो करके भी दिखाया था उन्होंने अपने शोध एवं प्रयोगों से यह सिद्ध किया कि कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन आधा कर देने पर वातावरण का तापमान 2.28 डिग्री ठंडा हो जाता है एवं कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन 2 गुना बड देने पर वातावरण का तापमान 2.36 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ जाता है।
Klaus Hasselmann ने लगभग एक दशक बाद एक ऐसा मॉडल तैयार किया जो मानव जाति के Climate में दखल की वजह से होने वाले परिणामों को प्रस्तुत करता है।
Giorgio Parisi ने एक जटिल भौतिकी एवं गणितीय मॉडल तैयार किया जिसकी वजह से ऊपर के शोधकर्ताओं द्वारा दी गई शोधों पर और प्रयोग किए जा सके।
उपरोक्त तीनों वैज्ञानिकों को Climate Change के लिए Solid Scientific Foundation तैयार करने के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है।
विदित हो कि अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी वसीयत में सबसे पहले भौतिक शास्त्र के नोबेल पुरस्कार का ही वर्णन किया है।
भारत में CV Raman भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले वैज्ञानिक थे।

  • रसायन शास्त्र का Nobel Prize 2021

वर्ष 2021 का रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार Benzamin List और David W.C. MacMillan को संयुक्त रूप से दिया गया है. 
ChemistryNobel2021
Source: Official Website

सन 2000 से पहले सब यही मानते थे ही केवल दो प्रकार के ही उत्प्रेरक होते हैं- metals or enzymes. लेकिन वर्ष 2000 में इन दोनों वैज्ञानिकों ने अलग अलग तरीके से यह सिद्ध करके दिखाया कि एक तीसरी तरह का उत्प्रेरक (Catalyst) भी Develop किया जा सकता है एवं उन्होंने यह Develop करके भी दिखाया जिसका नाम उन्होंने Asymmetric Organocatalyst रखा. 
यह तीसरी तरीके का catalyst छोटे कार्बनिक अणुओं से मिलकर बनाया जा सकता है जो सस्ता और विषैला भी नहीं है। उनकी यह खोज से फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में भारी बदलाव आने की पूरी उम्मीद है।

  • शांति का Nobel Prize 2021

वर्ष 2021 का शांति का नोबेल पुरस्कार Maria Ressa Dmitry और Andreyvich Muratov को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया है। उन दोनों को यह पुरस्कार जर्नलिज्म के माध्यम से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं लोकतांत्रिक संगठन को मजबूती देने के उनके प्रयासों के लिए दिया जा रहा है।
Nobelpeace2021
Source: Official Website

Maria Ressa फिलीपींस की एक जानी-मानी पत्रकार हैं जिन्होंने फिलीपींस में पत्रकारिता स्वतंत्र खतरे में होने के बावजूद लोकतांत्रिक संगठन को मजबूती देने के लिए कड़े प्रयास किए हैं वर्तमान समय में वे न्यूज़ संगठन Rapper की CEO है।
Maria Ressa को ही वर्ष 2021 का Unesco Guillerno Cano World Press Freedom Prize Award भी दिया गया है.
Maria Ressa ने दक्षिण पूर्व एशिया में आतंकवाद के बढ़ते खतरे को बहुत पहले ही भांप लिया था और उन्होंने इसे अपनी पुस्तकों में भी लिखा है उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं-


Dmitriy Andreyvich Muratov रूस के प्रमुख समाचार पत्र Navaya Gazada के Editor- In- Chief है। उन्होंने अपने अखबार के माध्यम से रूस में अभिव्यक्ति की आजादी को बढ़ाया है।
रूस में उनका खबर सरकार विरोधी माना जाता है जिस कारण उनके कई सहयोगियों को हत्या करके मार ही डाला गया। वर्तमान समय में इसे रूस का एकमात्र स्वतंत्र अखबार बोला जाता है।  इनके अखबारों में आपको पुतिन सरकार द्वारा रूस में किए जा रहे अत्याचार एवं घोटालों के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सकती है। 

  • अर्थशास्त्र का Nobel Prize 2021

वर्ष 2021 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अमेरिका में रह रहे David Card, Joshua Angist एवं Guido Imbens को दिया जा रहा है।

उनको यह पुरस्कार उनके Natural Experiments को अर्थशास्त्र की मूल एवं गुड समस्याओं को समझाने के लिए दिया जा रहा है.
इन तीनों वैज्ञानिकों ने मिलकर कुछ जटिल प्रश्नों के उत्तर खोजें एवं बाकी प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए एक शोध पत्र भी प्रस्तुत किया। 
Economic
Source: Official Website

प्रवासियों के कारण किसी देश में रोजगार की दर किस प्रकार प्रभावित हो रही है?
क्या अधिक पढ़ाई करने से किसी व्यक्ति की भविष्य की आमदनी प्रभावित होती है?
इस प्रकार के कुछ प्रश्न ऐसे हैं जिनका उत्तर देना कठिन है क्योंकि इन सभी प्रश्नों के उत्तर तुलनात्मक रूप से अध्ययन करने के बाद ही दिए जा सकते हैं। नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने यह दिखाया कि Natural Experiments का प्रयोग करके इन प्रश्नों के उत्तर खोजे जा सकते हैं। साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि अन्य सभी परिस्थितियों का अध्ययन करने के साथ उस एक परिस्थिति का भी अध्ययन आवश्यक है, जिसकी वजह से कोई भी इंसान अलग तरह का व्यवहार करता है। 







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