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कर्म फल तो भोगना ही पड़ेगा

 महाभारत के भयंकर नरसंहार के बाद पुत्र-वियोग में तड़पती गांधारी जब श्रीकृष्ण को शाप देने के लिए आगे बढ़ती हैं, तब श्रीकृष्ण शांत स्वर में कहते हैं— माते!  मैं शोक, मोह और पीड़ा—इन सबसे परे हूँ, न मुझे विजय का गर्व है, न पराजय का विषाद, न मुझे सम्मान बाँधता है, न अपमान। न जीवन, न मृत्यु—किसी में मैं आबद्ध नहीं हूँ। मैं न सत्य में बँधा हूँ, न असत्य में.. काल और महाकाल—दोनों मेरे अधीन हैं; मैं उन्हीं के माध्यम से अपने कार्य सिद्ध कराता हूँ। हे माता, यह युद्ध अवश्यम्भावी था। जो चले गए हैं, उनके लिए विलाप मत करो। जो शेष हैं—उन्हें स्वीकारो। वर्तमान को अपनाओ, क्योंकि अतीत का शोक ही दुख का मूल है.. कृष्ण की वाणी सुनकर गांधारी विलाप करती हुई कह उठती हैं.. कृष्ण…! तुम यह सब कह सकते हो, क्योंकि तुम माँ नहीं हो। तुम क्या जानो एक माँ की ममता क्या होती है? तुम क्या समझो पुत्र-शोक की असहनीय पीड़ा? तुम मोह-त्याग और ज्ञान की बातें करते हो, तो जाओ—अपनी माता देवकी से पूछो कि पुत्र-वियोग क्या होता है! पूछना उनसे— कैसा लगता था जब कंस एक-एक कर उसके कलेजे के टुकड़े छीन लेता था.. जब उसका दूध उतरता थ...

All About Nobel Awards in Hindi| Nobel Prize History in Hindi| Nobel Prize 2021 in Hindi

All About Nobel Awards in Hindi| Nobel Prize History in Hindi| Nobel Prize 2021 in Hindi

नोबेल पुरस्कार आधुनिक दुनिया में विषय विशेष पर दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान एवं पुरस्कार है। यह पुरस्कार स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में दिया जाता है। जिनका जन्म 21 अक्टूबर 1835 को हुआ था एवं मृत्यु 10 दिसंबर 1896 को हुई थी। उनकी पुण्यतिथि पर उनको सम्मान देते हुए 10 दिसंबर को ही नोबेल पुरस्कारों का वितरण किया जाता है।
Alfred Nobel
Alfred Nobel

अलफ्रेड नोबेल स्वीडन के प्रख्यात वैज्ञानिक थे। उन्होंने अपने जीवन काल में 355 पेटेंट अपने नाम कराए। जिसमें डायनामाइट भी शामिल था। डायनामाइट उस समय सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक था। क्योंकि डायनामाइट से पहले सारे विस्फोटक पदार्थ तरल होते थे। जिन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना, अत्यंत कठिन एवं साथ ही साथ बेहद हानिकारक भी होता था।
Dynamite
Dynamite

डायनामाइट की बिक्री करके सर अल्फ्रेड नोबेल ने तकरीबन 265 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति नोबेल फाउंडेशन में दान की थी।
Norwegian Parliament
Norwegian Parliament
नोबेल फाउंडेशन को बनाने की बात उन्होंने अपनी वसीयत में ही लिख दी थी। जिसमें यह लिखा था कि दुनिया भर के विभिन्न वैज्ञानिक एवं महान हस्तियों को उनकी मूल राशि के ब्याज से प्राप्त धनराशि प्रदान की जाए।

  • किस क्षेत्र में दिया जाता है नोबेल पुरस्कार

वर्तमान समय में नोबेल पुरस्कार शांति, साहित्य, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, चिकित्सा शास्त्र, एवं अर्थशास्त्र में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है।
उनकी वसीयत को ध्यान में रखते हुए 29 जून 1900 को उनकी मृत्यु के चौथे साल नोबेल फाउंडेशन की स्थापना की गई। जिसने अगले साल से ही 1901 में अल्फ्रेड नोबेल की याद में, नोबेल पुरस्कार वितरण करना शुरू कर दिया। पहली बार नोबेल पुरस्कारों का आयोजन स्टॉकहोम एवं ओस्लो से किया गया था।

  • क्या-क्या मिलता है Nobel Award में

नोबेल पुरस्कार में 18 कैरेट का स्वर्ण पदक 10 मिलियन स्वीडिश क्रोनर तकरीबन (73.5 भारतीय रुपए) एवं एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।
Nobel Prize
The Nobel Gold Medel

  • किसके द्वारा दिया जाता है Nobel Award

Nobel Committee
The Norwegian Nobel Committee

नोबेल पुरस्कार स्वीडन की एक कमेटी द्वारा निर्धारित किया जाता है जिसके अंतर्गत वह भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, अर्थशास्त्र, एवं साहित्य के क्षेत्र में अग्रणी उम्मीदवारों का चयन करते हैं। केवल शांति का नोबेल पुरस्कार नॉर्वे के ओस्लो में दिया जाता है। नॉर्वेजियन नोबेल समिति यह तय करती है कि पुरस्कार किसे मिलेगा। एवं नॉर्वे की संसद नॉर्वेजियन नोबेल समिति का चयन करती है।

  • Fascinating Facts about Nobel Awards

  • सन 1901 से 2020 तक 597 नोबेल पुरस्कार दिए गए हैं जिनमें से 923 व्यक्ति हैं एवं 27 संगठन है।
  • शांति का पहला नोबेल पुरस्कार 1901 में हेनरी ड्यूनेट को रेड क्रॉस की स्थापना एवं फ्रेंच पीस सोसाइटी की स्थापना करने वाले फ्रेडरिक पैसी को दिया गया था।
  • भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 1916, 1931, 1934, 1940, 1941, एवं 1942 में नहीं दिया गया था।
  • रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार 1916, 1917, 1919, 1924, 1933, 1940, 1941, एवं 1942 में नहीं दिया गया है।
  • इसी प्रकार चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 1915, 1916, 1917, 1918, 1921, 1925, 1940, 1941, एवं 1942 में नहीं दिया गया था।
  • साहित्य का नोबेल पुरस्कार 1914, 1918, 1935, 1940, 1941, 1942, एवं 1943 में नहीं दिया गया था।
  • सबसे अधिक बार स्थगित होने वाला पुरस्कार शांति का नोबेल पुरस्कार है जिसे 1914, 1915, 1916, 1918, 1923, 1924, 1928, 1932, 1939, 1940, 1941, 1942, 1943, 1948, 1955, 1956, 1966, 1967, एवं 1972 में नहीं दिया गया था। ऐसा माना जाता है कि 1948 का शांति का नोबेल पुरस्कार महात्मा गांधी को दिया जाना था लेकिन पुरस्कारों की घोषणा से पहले ही उनकी हत्या कर दी गई जिसकी वजह से उस साल का नोबेल पुरस्कार किसी को नहीं दिया गया।
  • John B Goodinf 97 वर्ष की आयु में रसायन शास्त्र में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले सबसे अधिक आयु के व्यक्ति बने थे। 
  • मलाला यूसुफजई को मात्र 17 वर्ष में शांति का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • अन्य क्षेत्रों में सबसे कम उम्र में पुरस्कार प्राप्त करने वालों में लॉरेंस ब्रैग 1915 भौतिकी, 25 वर्ष, नादिया मुराद 25 वर्ष 2018, शांति फ्रेडरिक जूलियट रसायन शास्त्र 35 वर्ष 1935, फ्रेडरिक Banting चिकित्सा शास्त्र 32 वर्ष 1923, एवं साहित्य में रोडिया ड्रिपिंग को 41 वर्ष की आयु में 1907, शामिल है।
  • Marie Qurie नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली महिला थी. साथ ही पहली ऐसी हस्ती भी थी जिन्हें दो बार नोबेल पुरस्कार दिया गया. 1903 में भौतिक शास्त्र में उनके योगदान के लिए एवं 1911 में रसायन शास्त्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए।
  • Jean Paul Sarte & Le Duc Tho ने पुरस्कार लेने से मना कर दिया था। 
  • Richard Kuh, Adolf Butenad, Gerhard Domgak को Adolf Hitler ने एवं Boris Pastrnak को तात्कालिक USSR सरकार ने नोबेल पुरस्कार ना लेने के लिए बाध्य किया था।
  • कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्हें नोबेल पुरस्कार कब मिला जब वह जेल में बंद थे इनमें से Karl Von Oshietzki, Aung San Suu Kyi और Liu Xiaobo प्रमुख थे।
  • जहां लोगों को एक बार नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने में पूरा जीवन लग जाता है वहीं कुछ महान विभूतियां ऐसी भी हुई हैं जिन्हें अपने जीवन में एक से अधिक बार नोबेल पुरस्कार भी मिला है. J. bardeen, Marie Curie, L. Pauling, F. Sanger, ICRC, UNHCR एवं Red Cross शामिल हैं।



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