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प्रेमचंद के फटे जूते

  प्रेमचंद का एक चित्र मेरे सामने है, पत्नी के साथ फ़ोटो खिंचा रहे हैं. सिर पर किसी मोटे कपड़े की टोपी, कुरता और धोती पहने हैं. कनपटी चिपकी है, गालों की हड्डियां उभर आई हैं, पर घनी मूंछें चेहरे को भरा-भरा बतलाती हैं. पांवों में केनवस के जूते हैं, जिनके बंद बेतरतीब बंधे हैं. लापरवाही से उपयोग करने पर बंद के सिरों पर की लोहे की पतरी निकल जाती है और छेदों में बंद डालने में परेशानी होती है. तब बंद कैसे भी कस लिए जाते हैं. दाहिने पांव का जूता ठीक है, मगर बाएं जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अंगुली बाहर निकल आई है. मेरी दृष्टि इस जूते पर अटक गई है. सोचता हूं-फ़ोटो खिंचवाने की अगर यह पोशाक है, तो पहनने की कैसी होगी? नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी-इसमें पोशाकें बदलने का गुण नहीं है. यह जैसा है, वैसा ही फ़ोटो में खिंच जाता है. मैं चेहरे की तरफ़ देखता हूं. क्या तुम्हें मालूम है, मेरे साहित्यिक पुरखे कि तुम्हारा जूता फट गया है और अंगुली बाहर दिख रही है? क्या तुम्हें इसका ज़रा भी अहसास नहीं है? ज़रा लज्जा, संकोच या झेंप नहीं है? क्या तुम इतना भी नहीं जानते कि धोती को थोड़ा न...

Taal Movie Revisit

 ताल 





बॉलीवुड के शोमैन कहे जाने वाले फिल्म मेकर सुभाष घई,संगीत के जादूगर कहे जाने वाले ए आर रहमान,महान गीतकार आनंद बक्षी और विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय इस फिल्म में पहली बार एकसाथ आए ।ये वो हिंदी फिल्म है जिसे हम हिंदी दर्शक बोल सकते है की धीस इस सिनेमा !


टिपिकल सी बॉलीवुड वाली कहानी है ।कुछ भी ऐसा नहीं है जो हमने पहले कही देखा नही था ! फिर भी ये फिल्म स्पेशल लगती है इस का पूरा श्रेय सुभाष घई को जाता है।इस फिल्म के दो हिस्सो के बारे में ही मैं आज लिखूंगी।


ए आर रहमान ! बॉम्बे,रोजा जैसी फिल्मों का संगीत उत्तरी भारत के लोगो में छा गया था ।रंगीला के बाद रहमान की ताल शायद वो दूसरी फिल्म होगी जो कोई रिमेक या डब फिल्म नही थी जिस के लिए उसे ओरिजिनल संगीत बनाना पड़ा।आम तौर पर रहमान ट्यून देता है और उस पर लिरिसिस्ट गाने लिखते है। यहा आनंद बक्षी के गाने लिखे हुए थे जिन्हे रहमान ने कुछ ऐसे सजाया की गाने नही,गुलाब जामुन में घुली शक्कर बन गए।ताल का संगीत म्यूजिक पर्कशन मतलब अनेक वाद्यों को लाइव रिकॉर्ड कर के वो म्यूजिक पिस गानों में डालने के मामले में बेहेतरीन उदाहरण है ।वैसे तो रहमान पढ़ा लिखा और तकनीक की समझ रखने वाला संगीतकार है।ये पहली फिल्म थी जिस में रहमान ने पूरा देसी अप्रोच रखा ।ढोलक से लेकर तबला, गिटार से लेकर बांसुरी तक सब आप को इस एल्बम में सुनाई देगा ।ये रहमान का वो एल्बम है जिसे सुन कर शायद रहमान खुद की तारीफ में खुद ताली बजाकर कहता होगा की मैने ये क्या बनाया था ! ताल से ताल,नही सामने,इश्क बिना, रमता जोगी,कही आगे लगे ,करिए ना ये सब गाने एक ही एल्बम में!!मैं हमेशा से कहती हु की रहमान साउथ वाला नही होता और हिंदी के नाम पर वो सिर्फ रंगीला और ताल के एल्बम बनाता तो भी उतना ही महान कहलवाता जितना आज उसे कहा जाता है !


ऐश्वर्या राय ! इस फिल्म में ऐश्वर्या जितनी खूबसूरत लगी है आजतक कोई भी अभिनेत्री किसी भी फिल्म में इतनी खूबसूरत नही लगी ।ऐश्वर्या ने जो डांस इस फिल्म में किया है वैसा डांस किसी भी अभिनेत्री ने आजतक किसी फिल्म में किया देखने को नही मिलता।बिना मेक अप वाली ऐश्वर्या,परफॉर्मर के मेक अप के साथ ऐश्वर्या ,बस हम देखते रह जाते है।कोई व्यक्ति इतनी खूबसूरत कैसे हो सकती है ! उस की मनमोहकता, उस के कपड़े,उस का बोलना,उस का अप्सरा जैसा नृत्य,उस के हावभाव ! ऐश्वर्या राय का जो देश और विदेश में औरा था (मजाक नही कर रही,अब के वाले मोदी जी और शाहरुख का जो औरा है वो ऐश्वर्या बिना किसी सोशल मीडिया के आज से पच्चीस साल पहले रखती थी !) ,ये लड़की के सारे गुण अंडर रेटेड उसी की औरा के चलते रहे ।


#taalmovie

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