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Suicide Fruiting

इस साल बाज़ार में जितने जामुन दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले दो दशकों में कभी नहीं देखे। ​जामुन के अक्षरशः ढेर लग रहे हैं (नीचे गिर रहे हैं)। जिन पेड़ों पर पिछले साल इक्का-दुक्का फल आए थे, वे पेड़ भी इस बार जामुन से पटे पड़े हैं। जहाँ फल आए थे, वहाँ अब उन का अंबार लगना शुरू हो गया है। ​आखिर यह सब क्या चल रहा है? ​हमारी दादी/नानी हमेशा कहती थीं कि, "जिस गर्मियों में जामुन के ऐसे ढेर लगते हैं, उस साल सूखा पड़ता है।" ​बुजुर्गों का यह पारंपरिक ज्ञान वनस्पति विज्ञान (Botany) के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बिल्कुल सही और सटीक है। विज्ञान में इस दिलचस्प और उतनी ही चौंकाने वाली प्रक्रिया को "मास्टिंग" (Masting) या "स्ट्रेस फ्रूटिंग" (Stress Fruiting) कहा जाता है। ​पेड़ों द्वारा खुद को खत्म करके ज्यादा से ज्यादा फल देने के इस आखिरी प्रयास को कभी-कभी "सुसाइड फ्रूटिंग" (Suicide Fruiting) या "बंपर क्रॉप" भी कहा जाता है। ​यह असल में क्या है और इसके पीछे का विज्ञान क्या कहता है, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं: ​१. 'सर्वाइवल इंस्टिंक्ट' (अस्ति...

जब पुरुस्कार लेने वाले ने पुरूस्कार देने वाले राष्ट्रपति को दिया आशीर्वाद| Nanda Sir Blessed President of India

जब पुरुस्कार लेने वाले ने पुरूस्कार देने वाले राष्ट्रपति को दिया आशीर्वाद| Nanda Sir Blessed President of India

मंगलवार को 102 वर्षीय नंदा प्रूट्टी ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है।

nanda sir hindi 2021
Nanda Sir

नंदा प्रूट्टी का अनौपचारिक स्कूल गांव में एक अस्थायी झोपड़ी से कार्य करता है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार यह भोर में खुलता है और बच्चों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के लिए सप्ताह में सात दिन रात 9 बजे तक चलता है.'नंदा सर' के नाम से मशहूर उन्होंने अपने जीवन के कई दशक ओडिशा के जाजपुर में बच्चों और वयस्कों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करते हुए बिताए हैं। अपने परिवार की वित्तीय स्थिति के कारण कक्षा 7 तक ही पढ़ाई कर पाए, वह अपने गांव में निरक्षरता उन्मूलन के लक्ष्य के साथ आजादी के बाद से बच्चों को निशुल्क पढ़ा रहे हैं ।

अपने प्रयासों के लिए मंगलवार को भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार मिलने पर नंदा प्रूट्टी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को आशीर्वाद देने के लिए हाथ उठाया।


राष्ट्रपति कोविंद ने साहित्य एवं शिक्षा के लिए श्री नंदा प्रूट्टी को पद्मश्री भेंट किया। दशकों से ओडिशा के जाजपुर में बच्चों और बड़ों को मुफ्त शिक्षा देने वाले 102 वर्षीय "नंदा सर" ने राष्ट्रपति को आशीर्वाद देने के इशारों में हाथ उठाया।


nanda sir padma shri
Nanda Sir received Padam Shri Barefoot

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