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Suicide Fruiting

इस साल बाज़ार में जितने जामुन दिखाई दे रहे हैं, उतने मैंने पिछले दो दशकों में कभी नहीं देखे। ​जामुन के अक्षरशः ढेर लग रहे हैं (नीचे गिर रहे हैं)। जिन पेड़ों पर पिछले साल इक्का-दुक्का फल आए थे, वे पेड़ भी इस बार जामुन से पटे पड़े हैं। जहाँ फल आए थे, वहाँ अब उन का अंबार लगना शुरू हो गया है। ​आखिर यह सब क्या चल रहा है? ​हमारी दादी/नानी हमेशा कहती थीं कि, "जिस गर्मियों में जामुन के ऐसे ढेर लगते हैं, उस साल सूखा पड़ता है।" ​बुजुर्गों का यह पारंपरिक ज्ञान वनस्पति विज्ञान (Botany) के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बिल्कुल सही और सटीक है। विज्ञान में इस दिलचस्प और उतनी ही चौंकाने वाली प्रक्रिया को "मास्टिंग" (Masting) या "स्ट्रेस फ्रूटिंग" (Stress Fruiting) कहा जाता है। ​पेड़ों द्वारा खुद को खत्म करके ज्यादा से ज्यादा फल देने के इस आखिरी प्रयास को कभी-कभी "सुसाइड फ्रूटिंग" (Suicide Fruiting) या "बंपर क्रॉप" भी कहा जाता है। ​यह असल में क्या है और इसके पीछे का विज्ञान क्या कहता है, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं: ​१. 'सर्वाइवल इंस्टिंक्ट' (अस्ति...

Why Nathuram Godse Assassinated Mahatma Gandhi| गोडसे ने गांधी को क्यों मारा

मोहनदास करमचंद गांधी जिन्हे हम सभी महात्मा गांधी के नाम से भी जानते हैं। यह एक नाम भारतीय स्वंत्रता संग्राम एवं भारतीय राजनीति में एक पूरे युग को प्रदर्शित करता है। गांधीजी की अहिंसा, उनका अपनी बात मनवाने का निराला ढंग, एवं अंग्रेजों के साथ उनकी बातचीत करने का सकारात्मक तरीका उन्हें उनके साथ के अन्य राजनीतिक व्यक्तित्वो से कहीं आगे खड़ा करता है। गांधी जी का भारतीय राजनीति में इतना गहरा प्रभाव था की आम भारतीय जनमानस जो अंग्रेजों के अत्याचारों से त्रस्त हो चुका था, जहां साधारण मानसिकता के लोग हिंसा के बदले हिंसा को प्राथमिकता देते हैं। वही गांधी जी के कहने मात्र से अहिंसा के पथ पर चल रहे थे। गांधीजी के आंदोलनों ने एक राष्ट्र के रूप में भारत को सम्मिलित किया एवं तात्कालिक समाज को यह बता दिया कि क्रांति का उद्देश्य केवल रक्तपात करना नहीं होता। क्रांति चुपचाप विरोध करके भी की जा सकती है। ऐसे महान विचारों वाले, ऐसे महान आदर्शों वाले महात्मा गांधी को 30 जनवरी 1948 में हत्या करके मार डाला गया। लेकिन Gandhiji की हत्या करने के क्या कारण रहे होंगे? क्या गांधी जी की हत्या केवल इस उद्देश्य से...

Remembering The Legendry Leader LALA LAJPAT RAI | कांग्रेस का वो फायर ब्रांड नेता जिसकी हत्या ने भारतीय राजनीति में भगत सिंह नाम का तूफान खड़ा कर दिया

कल्पना कीजिए आप किसी गंभीर उद्देश्य के प्राप्ति के लिए होने वाली सभा का हिस्सा हैं, आपके साथ-साथ पूरे देश के नामी-गिरामी राजनेता क्रांतिकारी एवं कई महान हस्तियां बैठी हुई है पूरे हफ्ते चली इस मंत्रणा के बाद जब अध्यक्षीय भाषण का वाक्य आया तब अध्यक्ष महोदय अपने सभी साथियों को बरसाती मेंढक कह दें, और यह कहे कि साल में एक बार ऐसे टर्राने से कुछ होने वाला नहीं है। 7 दिनों तक चली उस सभा का क्या हाल रहा होगा? भारत की आजादी के कई बड़े चेहरों में कुछ नाम इतने बड़े हो जाते हैं कि उनके बारे में अदब तो क्या अपने जीवित होने का प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए भी लोग तैयार रहते हैं।  भारत की राजनीति में किसी राजनेता का कद कितना बड़ा हो सकता है? क्या वह एक ऐसा व्यक्ति हो सकता है जो सत्ता के शीर्ष पर बैठे? क्या वह एक ऐसा व्यक्ति हो सकता है जो संपूर्ण राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोए? क्या वह व्यक्ति एक ऐसा व्यक्ति हो सकता है जो भारतीय आजादी का रुख ही मोड़ दे? लाला लाजपत राय वह व्यक्ति थे जिनकी हत्या ने भारतीय राजनीति में भगत सिंह नाम का तूफान लाया था। अंग्रेजों को लाला लाजपत राय की हत्या कितनी महंगी ...

National Mathematics Day 2021 - Remembering S. Ramanujan, The Man who knew ' The Infinity'

National Mathematics Day 2021 - Remembering S. Ramanujan , The man who knew 'The Infinity' The Man Who Knew The Infinity 22 दिसंबर को महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य में भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में चिह्नित किया गया है-जो देश में सभी चीजों में  गणित का चेहरा बने हुए हैं.  पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आधिकारिक घोषणा के बाद 2012 में पहला राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया । S. Ramanujan  भारत का अपना जीनियस 1887 में भारत की अपनी प्रतिभा, रामानुजन का जन्म तमिलनाडु के इरोड में हुआ था. और बच्चे होने के बाद से ही उनके पास गणित के लिए एक कुशाग्रता थी, लेकिन माध्यमिक विद्यालय में ही रामानुजन ने खुद की क्षमता और गणित के अनुशासन को समझा। स्कूल स्तर के गणित में महारत हासिल करने के बाद अपनी उम्र के एक छात्र की उम्मीद की सीमा को पार करते हुए रामानुजन को फिर कुंभकोणम के गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज में स्कॉलरशिप मिली । हालांकि, यह आदमी मैथ्स का इतना जुनूनी था कि वह अपने कोर्सवर्क के हर दूसरे सब्जेक्ट वाले हिस्से को फेल कर गया । इस वजह से उनकी दावेद...

जानिए हिन्दू धर्म के चार वेदों में क्या लिखा है? What is written in Four Vedas of Hinduism

वेद शब्द की उत्पत्ति "वेद" शब्द से हुई है जिसका संस्कृत में अर्थ है "ज्ञान"। यह प्राचीन भारत में शिक्षा का सबसे पुराना पाठ्यक्रम था। स्वास्थ्य प्रणाली और दवाओं का ज्ञान ऋग्वेद से उपजा है जिसने आयुर्वेद नामक एक उप-प्रणाली को जन्म दिया। तीरंदाजी और युद्ध का ज्ञान जिसने भारत के कई महान राजाओं के कौशल को आकार दिया, यजुर्वेद से उपजा और धनुर वेद नामक एक उप-प्रणाली को जन्म दिया। सौंदर्यशास्त्र, संगीत और नृत्य का ज्ञान, जिसने भारत को महान कलात्मक इतिहास दिया, सामवेद से उपजा और गंधर्व वेद नामक एक उप-प्रणाली को जन्म दिया। व्यापार, धन और समृद्धि का ज्ञान अथर्ववेद से उपजा है जिसने अ र्थ-शास्त्र नामक एक उप-प्रणाली को जन्म दिया। भले ही आयुर्वेद ऋग्वेद में निहित है, इसे अथर्ववेद का एक हिस्सा भी माना जाता है जो अन्य 3 वेदों के लंबे समय बाद आया था। भारतीय हिन्दू जीवन का आधार वेद आखिर किस प्रकार का ज्ञान देता है? वेद धार्मिक ग्रंथ हैं जो हिंदू धर्म के अर्थ को सूचित करते हैं (जिसे सनातन धर्म भी कहा जाता है जिसका अर्थ है "शाश्वत आदेश" या "शाश्वत पथ")। वेद शब्...

Is Indian Constitution Copied|क्या भारत का संविधान है कॉपी पेस्ट का पिटारा?

Is Indian Constitution Copied|क्या भारत का संविधान है कॉपी पेस्ट का पिटारा? Constitution Day of India वैसे तो भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। जिस वजह से इसकी एक अलग प्रसंगिकता है। एक अलग ओहदा है, एक अलग महत्त्व है। इस संविधान की प्रमुख विशेषता दुनिया के अलग अलग संविधान से ली गई कुछ चुनिंदा बातें हैं जो इसे दुनिया के बाकी संविधानों के जैसा लेकिन भीड़ से अलग बनाती हैं। भारतीय संविधान पर समय-समय पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वह कॉपी पेस्ट का पिटारा है। भारत के संविधान में कुछ भी नया नहीं है और वह दुनिया के अन्य सभी मुल्कों की विशेषताओं को जोड़कर बनाया गया है। आइए आज की इस पोस्ट में कुछ विशेषताओं के ऊपर एवं कुछ समीक्षाओं के ऊपर विचार करते हैं। संविधान सभा का प्रत्यक्ष निर्वाचन नहीं हुआ था। इनका निर्वाचन प्रांतीय विधानमंडल के निम्न सदन के सदस्यों द्वारा किया गया था। इसीलिए संविधान सभा सही मायने में जनता की प्रतिनिधि नहीं थी तथा रियासतों के प्रतिनिधि तो अप्रत्यक्ष रूप से भी निर्वाचित नहीं थे। राजाओं के द्वारा उनका मनोनयन किया गया था। इसीलिए वह भी जनता के प्रतिनिधि नहीं थे। ...

Canada returns Indian Heritage after 100 Years| माता अन्नपूर्णा देवी की प्रतिमा की घर वापसी

Canada returns Indian Heritage after 100 Years| माता अन्नपूर्णा देवी की प्रतिमा की घर वापसी भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा माता अन्नपूर्णा देवी की 100 साल पुराना मूर्ति जिसे चुराकर कनाडा ले जाएगा था, वापस उत्तर प्रदेश सरकार को दे दिया जाएगा। Mata Annpurna 100 year Old Sclupture प्राचीन मूर्ति को एक भव्य समारोह द्वारा वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किया जाएगा। साथी साथ भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय प्रमुख श्री जी किशन रेड्डी ने यह भी कहा है कि भारत की उन सभी मूर्तियों को वापस ले लिया जाएगा जो औपनिवेशिक काल में यहां से गैरकानूनी तरीके से चुराई गई थी। 1975 से 2021 तक 55 मूर्तियां वापस भारत लाई जा चुकी है जिनमें से 42 साल 2014 से 2021 के बीच ही लाई गई हैं। वर्तमान समय में 157 मूर्तियां एवं चित्र विदेशों में पहचान लिए गए हैं जिन्हे भारत से गैरकानूनी तरीके से ले जाया गया था। भारत सरकार अपनी विरासत को वापस पाने के लिए सिंगापुर, ऑस्ट्रेलि,या स्विट्ज़रलैंड और बेल्जियम जैसे देशों से वार्तालाप कर रही है और अकेले अमेरिका से ही 100 से अधिक मूर्तियां वापस लाने का ...

How to find Andromeda Galaxy| Can you see other galaxies without a telescope|आप एक दूरबीन के बिना अन्य आकाशगंगाओं देख सकते हैं?

Can you see other galaxies without a telescope|आप एक दूरबीन के बिना अन्य आकाशगंगाओं देख सकते हैं? हां, आप दूरबीन का उपयोग करने के बिना कुछ अन्य आकाशगंगाओं को देख सकते हैं! हमारे निकटतम पड़ोसियों, बड़े और छोटे मैगलनिक बादलों, दक्षिणी गोलार्द्ध से देखने के लिए आसान कर रहे हैं । हालांकि, सबसे सुंदर आकाशगंगाओं में से एक हम नग्न आंखों के साथ देख सकते है इस महीने (नवंबर) रात आकाश में दिखाई दे रहा है । पास के एंड्रोमेडा आकाशगंगा, जिसे M31 भी कहा जाता है, काफी उज्ज्वल है कि अंधेरे, चांदनी रातों पर नग्न आंखों से देखा जा सकता है । एंड्रोमेडा आकाशगंगा केवल अन्य (आकाशगंगा के अलावा) सर्पिल आकाशगंगा है जिसे हम नग्न आंखों से देख सकते हैं। पेगासस के ग्रेट स्क्वायर के पूर्वोत्तर कोने में शुरू करें - नक्षत्र एंड्रोमेडा ग्रेट स्क्वायर द्वारा गठित "बाउल" के पूर्वोत्तर कोने से जुड़ा एक "हैंडल" बनाता है। हैंडल में दूसरा ब्राइट स्टार ढूंढें (हैंडल के अंत से पहले आखिरी स्टार) और उस स्टार से, दो हैंडल स्टार्स में शामिल होने वाली लाइन में ९० डिग्री टर्न लें, पहले स्टार को पास करें, और 2 ...

The Big Bang Theory| बिग बैंग सिद्धांत

बिग बैंग थ्योरी पृथ्वी पर जीवन की शुरुवात समझने के लिए बहुत महत्वपूर्ण कॉन्सेप्ट है । इस क्षेत्र में भारतीय और वैश्विक वैज्ञानिक दोनों ही काफी शोध चल रहे हैं, ताकि पता चल सके कि ब्रह्मांड की शुरुआत अरबों साल पहले कैसे हुई थी। इस आर्टिकल में आप ब्रीफ में बिग बैंग थ्योरी के बारे में पढ़ेंगे। The Big Bang Theory बिग बैंग थ्योरी क्या है? What is Big Bang Theory ? बिग बैंग थ्योरी ब्रह्मांड का एक खगोल भौतिकी मॉडल है जिसे मानवीय इंद्रियों द्वारा देखा जा सकता है। सिद्धांत अपने आधुनिक दिन के विकास के लिए अपनी प्रारंभिक संरचनाओं से ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बारे में विवरण देता है। बिग बैंग सिद्धांत बताता है कि कैसे ब्रह्मांड ने घटनाओं, विकिरण, प्रकाश तत्वों की एक बहुतायत, और बड़े पैमाने पर संरचनाओं की एक विस्तृत विवरण की पेशकश करके अत्यंत उच्च घनत्व और उच्च तापमान की प्रारंभिक स्थिति से विस्तार किया। What does The Big Bang Theory Tell? बिग बैंग थ्योरी क्या बताता है? बिग बैंग थ्योरी में कहा गया है कि ब्रह्मांड को पर्याप्त रूप से ठंडा करने के लिए कणों के गठन की अनुमति है कि बाद में विस्तार के ...

विश्व मधुमेह दिवस- भारत में सबसे आम मिथक के बारे में जानें| World Diabetes Day- Know about the most common myth in India

 विश्व मधुमेह दिवस- भारत में सबसे आम मिथक के बारे में जानें| World Diabetes Day- Know about the most common myth in India भारत में सबसे तेजी से बढ़ रही बीमारियों में से एक डायबिटीज बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों पर एक जैसे कहर बरपा रही है। COVID प्रभाव के बारे में बात कर न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में मधुमेह के रोगियों की संख्या में वृद्धि को जंम देता है। World Diabetes Day उन्होंने कहा, 'इस समय 77 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। महामारी के बाद टाइप-2 और टाइप-1 डायबिटीज सिर्फ शहरों में ही नहीं बल्कि गांवों में भी देखने को मिल रही है। प्रसिद्ध एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और एंडोक्राइन सोसायटी ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ कालरा कहते हैं, यह हर जगह डॉक्टरों के लिए चिंता का एक बड़ा कारण है ।  मधुमेह क्या है? मधुमेह विश्व स्तर पर एक समस्याग्रस्त स्वास्थ्य चुनौती है । यह एक मेटाबॉलिक बीमारी है जो शरीर में ग्लूकोज के उच्च स्तर की विशेषता है क्योंकि अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन या उपयोग करने में असमर्थता है।  मधुमेह को कैसे वर्गीकृत किया जाता है? मधुमेह के तीन प्रका...

The Real issue with Tissue Papers| टिशू पेपर इस्तेमाल करने में सबसे बड़ी दिक्कत क्या आने वाली है?

The Real issue with Tissue Papers | टिशू पेपर इस्तेमाल करने में सबसे बड़ी दिक्कत क्या आने वाली है? क्या आप जानते हैं कि दुनिया में रोज़ कम से कम 27000 पेड़ काटे जाते हैं। यानी की एक साल में 1 करोड़ पेड़ काट दिए जाते हैं। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि पेड़ों से सबसे ज्यादा क्या प्राप्त किया जाता है? अगर आप लकड़ी, फल या दवाइयों की बात कर रहे हैं तो शायद आप गलत हैं। जितने भी पेड़ काटे जाते हैं उन का 75% हिस्सा पेपर बनाने में इस्तेमाल होता है। यानी कि साल में अगर एक करोड़ पेड़ काटे जाते हैं तो 75 लाख पेड़ों से सिर्फ कागज बनाया जाता है। और कागजों के मामले में भी सबसे ज्यादा टिशू पेपर बनाया जाता है। क्या आप Tissue Paper का इस्तेमाल करते हैं? वैसे तो शुरुआत में केवल मृत पेड़ों से ही कागज बनाया जाता था। लेकिन इंसान के लालच और अंधा पैसा इकट्ठा करने की लोलुपता ने हरे पेड़ों को भी काटने पर मजबूर कर दिया। एक शोध के मुताबिक, दुनिया में जितने हरे पेड़ काटे जाते हैं, यदि उसी रफ्तार से पेड़ कटते रहे तो दुनिया के सारे पेड़ आने वाले 100 सालों से पहले ही खत्म हो जाएंगे। और उसके बाद दुनिया का अंजाम बहु...