सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Madness for Iphone

​ *आखिर जा कहां रहा है हमारा समाज..* महाराष्ट्र के निम्न मध्यम वर्गीय मां-बाप ने अपनी इकलौती संतान को जैसे-तैसे पाल पोसकर 18 साल का किया। अब उस बेटे को आईफोन की सनक जग गई, पहाड़ के किनारे खड़े होकर 3 घंटे का फुल वोल्टेज ड्रामा चला। संभवतः सभी को लगा होगा कि ड्रामा कर रहा है, इसी बीच बाप सामने आया, शायद उसे अपने भावनात्मक और शारीरिक बल पर भरोसा रहा होगा, कि या तो मैं अपने बेटे को प्यार/डांट से मना/धमका लूंगा, नहीं तो ताकत का प्रयोग करके उसे किनारे से खींच लाऊंगा। बाप का दांव गलत साबित हुआ, बेटा उसकी उम्मीद से ज्यादा भावनात्मक रूप से ढीट और बलशाली था, खींचा-तानी में बेटे का बैलेंस बिगड़ा, गिरते बेटे ने वही किया जो वो पिछले 18 साल से करता आ रहा था, (बाप का सपोर्ट लेना), और उसने सपोर्ट लेने के चक्कर में अपने साथ बाप को भी खाई में खींच लिया। मां जो पहले ही बेटे को मनाने के लिए अपना मंगलसूत्र देने की पेशकश कर रही थी, इस दृश्य को देखकर कुछ समझ नहीं सकी, और बदहवासी में 1-2 सेकंड बाद उसने भी खाई में जंप लगा दी। पूरा परिवार एक आईफोन की सनक में कॉल के ग्रास में चले गए।। गलती किसकी है: 1. आईफोन के...

Fake Feminism के शिकार दुनिया भर के पुरुष क्यों हो रहे हैं Reality Of Women Empowerment Fake Feminism

Reality of Women Empowerment  दिल्ली निवासी सर्वजीत सिंह 23 अगस्त, 2015 की शाम को तिलक नगर, दिल्ली में अपनी बाइक पर जा रहे थे।  कुछ ही मिनटों के बाद, उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। एक लड़की जसलीन, जिसे  ट्रैफिक नियमों की कोई समझ नहीं थी। उसने मीडिया को बताया, "जब मैंने रेड सिग्नल पर इशारा किया और सर्वजीत को रुकने के लिए कहा, तो उसने अश्लील टिप्पणी की।"  जबकि ये  एक झूठ साबित हुआ।। वास्तव में, सर्वजीत ने उसे बताया था कि उसे बाईं ओर मुड़ना है, इसलिए वह आगे बढ़ रहा था। सर्वजीत के जवाब से जसलीन का बड़ा अहंकार आहत हुआ। उसने अपना फोन निकाला और सर्वजीत की कुछ तस्वीरें क्लिक कीं। फिर उसने फेसबुक पर सर्वजीत की एक तस्वीर पोस्ट की और अश्लील टिप्पणी करने का आरोप लगाया। इस पोस्ट के एक घंटे के भीतर लोगों ने सर्वजीत की पहचान ढूंढी और उसे "हवशी" और "राक्षस" घोषित किया। मीडिया ने सर्वजीत का क्रूर परीक्षण किया, बिना पुष्टि किए कि क्या जसलीन सच बोल रही थी या नहीं। सर्वजीत हर न्यूज़ चैनल पर था। यह ऐसा था जैसे एक बकरी को मारने के लिए तैयार किया जा रहा था। और जो लोग इस बकरे क...

क्या है भगवान को 56 भोग लगाने का रहस्य? Why do we offer Chhapan Bhog to God?

Chhapan Bhog भारतीय त्योहार एवं पर्वों में आपने 56 भोगों का ज़िक्र तो जरूर ही सुना होगा। लेकिन क्या कभी आपके मन में ये सवाल उठा है कि आखिर भगवान को 56 भोग ही क्यों लगाए जाए हैं? आखिर क्यों छप्पन भोग का प्रावधान है। तो आइए आज के इस ब्लॉग में इसी बारे में चर्चा करते हैं  - एक मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि गौलोक में भगवान श्रीकृष्ण राधिकाजी के साथ एक दिव्य कमल पर विराजते हैं। उस कमल की 3 परतें होती हैं। इसके तहत प्रथम परत में 8, दूसरी में 16 और तीसरी में 32 पंखुड़ियां होती हैं। इस प्रत्येक पंखुड़ी पर एक प्रमुख सखी और मध्य में भगवान विराजते हैं, इस तरह कुल पंखुड़ियों की संख्या 56 होती है। यहां 56 संख्या का यही अर्थ है। अत: 56 भोग से भगवान श्रीकृष्ण अपनी सखियों संग तृप्त होते हैं। एक अन्य श्रीमद्भागवत कथा के अनुसार जब कृष्ण की गोपिकाओं ने उनको पति रूप में पाने के लिए 1 माह तक यमुना में भोर में ही न केवल स्नान किया, अपितु कात्यायिनी मां की पूजा-अर्चना की ताकि उनकी यह मनोकामना पूर्ण हो। तब श्रीकृष्ण ने उनकी मनोकामना पूर्ति की सहमति दे दी। तब व्रत समाप्ति और ...

जन्माष्टमी का उपवास कब रखें? When is Krishna Janmashtami in 2022

कृष्णजन्माष्टमी का व्रत कब करें ? यह बात सर्वविदित है कि भगवान् श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में आधी रात को अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र में हुआ था तो निश्चित ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत भी उसी मास पक्ष तिथि नक्षत्र के आधार पर ही किया जाना चाहिए । Shri Krishna Janmashtami  बसिष्ठ संहिता में कहा गया है -  अष्टमी रोहिणीयुक्ता निश्यर्धे दृश्यते यदि । मुख्यकाल इति ख्यातस्तत्र जातो हरिः स्वयम् ।।  अर्थात - रोहिणी युक्त अष्टमी आधी रात को दिखाई दे तो वही मुख्य काल है , उसमें ही भगवान् स्वयं प्रकट हुए थे कभी - कभी ऐसा भी होता है कि जब तिथि और नक्षत्र की युति एक साथ आधी रात को नहीं होती है , तब ऐसे में धर्म सिन्धु व निर्णय सिन्धु के मतानुसार - - ' कृष्ण जन्माष्टमी निशीथ व्यापनी ग्राह्या " अर्थात- अर्ध रात्रि के समय व्याप्त अष्टमी तिथि को ही ग्रहण करना चाहिए ।इसी बात की पुष्टि श्रीमद्भागवत पुराण , श्री विष्णु पुराण अग्नि पुराण , वामन पुराण व भविष्य पुराण भी करते हुए कहते हैं कि - '  गतेऽर्धरात्रसमये सुप्ते सर्वजने निशि इसी बात को हम और कुछ अन्य स...

सुभद्रा कुमारी चौहन SUBHADRA KUMARI CHAUHAN कवित्री जिसने सिद्ध किया वीर रस केवल मर्दों की जागीर नहीं है

कहने को तो स्त्री कोमल है, और पुरुष मजबूत। लेकिन एक स्त्री किसी भी पुरुष के भावुक रूप से सबसे अधिक प्रभावित होती है। यही स्थिति पुरुष के साथ भी है, वे मजबूत होते हैं, वे सोचते भी हैं कि स्त्री कोमल है, और ये उनको अवगत भी है, लेकिन सब कुछ जानने के बाद भी वे सबसे अधिक प्रभावित स्त्री के मजबूत पक्ष से ही होते हैं। सुभद्रा कुमारी चौहन हमारा समाज भी जो पुरुष प्रधान है, इसमें दो राय नहीं है। यह समाज किसी स्त्री का परिश्रम उसका संघर्ष तब ही स्वीकार करता है, जब वह स्त्री इसी पुरुष प्रधान समाज में रहते हुए, इन्ही पुरुषों के बनाए नियमों में बंधने के बाद भी इसी पुरुष प्रधान समाज को धता बता देती है। शायद समाज का दोगलापन भी इसी को कहते हैं, कुछ हद तक ये ठीक भी है ( व्यवहार नही, स्टेटमेंट)। इसी विचारधारा को तोड़ने के लिए ही साहित्य जगत में सुभद्रा कुमारी चौहान का अवतरण हुआ होगा। मुझे याद नहीं किसी किताब में उनकी कोई ऐसी कविता छपी हो जिसमे स्त्री के प्रेम को प्रदर्शित किया गया हो। सुभद्रा जी को शायद यह बात पहले से ज्ञात थी कि यह समाज केवल संघर्षशील महिला को ही याद रख पाएगा। इसीलिए उन्हों...

आखिर क्या है भारत सरकार की AGNIPATH SCHEME जिसकी वजह सड़कों पर जूतम पैजार हो रहा है?

हाल ही में भारत सरकार ने भारतीय सैन्य दलों में शामिल होने के लिए की जाने वाली भर्ती में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। लेकिन उनके इस कदम से देश का युवा खुश नहीं है। जिस कारण युवाओं ने इस देश को दंगों से भर दिया है, देश की संपत्ति को जलाया जा रहा है, एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में भी भारी गिरावट आ रही है। What's wrong with Agnipath Scheme  दरअसल पिछले हफ्ते भारत सरकार ने भारतीय सैन्य दलों में शामिल होने के लिए युवाओं को एक नई सुविधा प्रदान की। जिसकी वजह से युवा प्रदर्शन पर उतारू हो गए। सरकार ने सेना में शामिल होने की इस स्कीम को Agnipath नाम दिया तथा इस स्कीम से सेनाओं में शामिल होने वाले जवानों को अग्निवीर Agniveer कहा। आइए जानते हैं कि Agnipath Scheme के बारे में जिसकी वजह से देश में दंगे भड़क रहे हैं। आखिर क्या है अग्निपथ स्कीम What is Agnipath Scheme? कोई भी भारतीय व्यक्ति भारतीय सेना में दो तरह से सेवाएं दे सकता है। एक परमानेंट कमिशन और दूसरा शॉर्ट सर्विस कमिशन। परमानेंट कमिशन में लगने वाले जवानों को अभी तक उनके निर्धारित रेजीमेंट में निर्धारित आयु तक नौकरी करने ...

आखिर Indian Students MBBS करने यूक्रेन ही क्यों जाते हैं? Why Ukraine is the prominent choice of Indian Medical Students| #Russiakraineconflict

पिछले 5 दिनों से चली आ रही रूस यूक्रेन युद्ध की बड़ी घटनाओं में भारत के लिए सबसे बुरी खबर यह है कि यूक्रेन की सरकार अब भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकलने के लिए प्रताड़ित कर रही है। यूक्रेन के लिए यह बहुत शर्म की बात है कि जस देश से सबसे ज्यादा विद्यार्थी उनके यहां पढ़ने आते हैं उन्हीं विद्यार्थियों को प्रताड़ित किया जा रहा है लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर भारतीय छात्र यूक्रेन में ही अपनी मेडिकल की पढ़ाई क्यों करना चाहते हैं? Why Indian Medical Students go Ukraine यूक्रेन की सरकार के दस्तावेजों की माने तो यूक्रेन में तकरीबन 23% विद्यार्थी भारत के हैं। जो एक छोटे देश के लिए बहुत बड़ा आंकड़ा है। और इन 23% विद्यार्थियों में सबसे ज्यादा विद्यार्थी मेडिकल के क्षेत्र के हैं। आखिर ऐसा क्यों क्यों भारतीय मेडिकल के छात्र यूक्रेन को अपनी पहली पसंद बनाते हैं भारत को नहीं आज के इस ब्लॉग में हम आपको इन्हीं कारणों के बारे में बताएंगे Low Fee:-      यूक्रेन में 6 साल के मेडिकल कोर्स की पढ़ाई का तकरीबन खर्चा लगभग 17 लाख रुपए आता है। वहीं भारत में यही खर्चा 70 लाख से 1 करोड़ भी आ जाता ह...

ANTONOV AN 225 MRIYA| Russia ने मार गिराया Ukraine का "The Dream"

#russiaukrainconflict के बीच हो रहे युद्ध के पांच दिन रूस ने दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट मार गिराया है। यह यूक्रेन का अब तक का बनाया गया सबसे बड़ा हवाई जहाज था, जो दुनिया में भी सबसे बड़ा था।  इस विमान के आकार के साथ-साथ सबसे बड़ी खातिर लिए विशेषता यह भी थी कि इसको Buran Shuttle Orbiter और Energiya carrier rocket के पार्ट्स पहुंचने के लिए बनाया गया था। जी हां, एक हवाई जहाज जिससे रॉकेट को लॉन्च किया जा सके!!! है ना अद्भुत! आइए जानते हैं Antonov AN 225 से जुड़ी खास बातें- Antoov AN 225 Antonov AN 22 5 का नाम Mriya था, जिसका यूक्रेनी भाषा में मतलब होता है The Dream । यह अब तक का इकलौता एयरक्राफ्ट था जो 6 turbofan इंजन से लैस था। इसकी भार वहन क्षमता 250 टन से भी ज्यादा थी। इसने अपनी पहली उड़ान 1988 89 में भरी थी। जून 2010 में इसने सबसे बड़े कार्गो सामान को चीन से डेनमार्क पहुंचाया था जिसकी लंबाई ही 42.1 मीटर थी। यह एक पावर स्टेशन की टरबाइन का पंख था। नाटो ने इसका नाम Cossack तय किया था। कोविड 19 के समय इसने विभिन्न देशों में आपात समान पहुंचाया था जिसकी वजह से इसका एक नाम The S...

National Science Day| Sir C V RAMAN उस शख्श की दास्ताँ जिसने भारत को नया विज्ञान ही दे डाला

Why we celebrate Science day on 28th February इस देश में शायद बहुत कम लोग ही ऐसे होंगे जो फरवरी को वैलेंटाइन डे के अलावा किसी और कारण से भी जानते होंगे। मुझ जैसे लोगों को यह दिन काफी पसंद है। क्योंकि इस दिन भारत अपना राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 28 फरवरी को ही भारतीय विज्ञान दिवस क्यों मनाया जाता है? वर्ष 1921 में भारत के वैज्ञानिक श्री चंद्रशेखर वेंकटरमन एक जहाज पर सवार हुए। लंदन से भारत आते समय उनके दिमाग में एक सवाल आया किस समुंदर का रंग असल में नीला क्यों होता है? वह यह बात भी मानने को तैयार नहीं थे कि आसमान का रंग भी नीला होता है। इसीलिए 1928 की मार्च में उन्होंने एक थ्योरी प्रकाशित की जिसे रमन स्कैटरिंग के नाम से जाना गया, मुझे आप और मैं आज रमन इफेक्ट   Raman Effect  के नाम से भी जानते हैं। रमन प्रभाव प्रकाश के तरंगदैर्ध्य के बदलने की कारण को बताता है। आपने सूर्य के प्रकाश में एक संतरे को नारंगी रंग का देखा। यह नारंगी रंग का है, लेकिन क्यों? वैसे सूर्य का प्रकाश साथ अलग-अलग रंगों से मिलकर बना है और हर रंग की एक अलग तरंगदैर्ध्य है। आप सूर...

India's Stand on Russia- Ukraine Conflict| Russia Ukraine Conflict में भारत किसका साथ दे रहा है

India's stand on Russia-Ukraine Conflict कहते हैं अगर किसी इंसान को अपने आने वाले वक्त के हालात जानने हूं तो उसे अपने अतीत में किए हुए कर्मों को याद करना चाहिए। आज जब रूस और यूक्रेन में भयंकर युद्ध चल रहा है उसी समय दुनिया के चौधरी बने अमेरिका को अचानक से विश्व शांति की चिंता सताने लगी है। चिंता इसीलिए क्योंकि यूक्रेन को अमेरिका अपने पाले में लेना चाहता है और रूस ऐसा होने नहीं देना चाहता। इसीलिए रूस को रोकने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका ने यूनाइटेड नेशंस के सिक्योरिटी काउंसिल में एक प्रस्ताव लेकर आया जिसके अंतर्गत रूस पर प्रतिबंध एवं युद्ध समाप्त करने की चेतावनी दी थी। प्रस्ताव को पारित करवाने के लिए उसे विभिन्न देशों का सहयोग चाहिए था जिसमें भारत भी एक था। लेकिन भारत ने अमेरिका की उम्मीदों को धता बताते हुए नाही अमेरिका के पक्ष में और ना ही रूस के पक्ष में मतदान किया। यानी कि भारत अब औपचारिक रूप से तटस्थ की भूमिका निभा रहा है। भारत के साथ-साथ चीन और यूएई ने भी तटस्थ की भूमिका को ही चुना है। आइए देखते हैं कि इन 3 देशों की रणनीति इस दो द्रव्य युद्ध पर क्या होने वाली है-   चीन Chin...

What is Russia- Ukraine Conflict |यूक्रेन और रूस के बीच का सारा लफड़ा क्या है?

Russia-Ukraine Conflict History of Russia- Ukraine Conflict बवाल की जड़  - बात है सन 1991 की। उस समय दुनिया का क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा देश हुआ करता था सोवियत संघ रूस, यानी कि यू एस एस आर यूनियन ऑफ सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक । जिसे 1922 की बेलचोविक क्रांति के बाद व्लादिमीर लेनिन ने दुनिया के सामने लाया था। लेकिन 1991 आते-आते दुनिया का सबसे बड़ा देश 15 अलग-अलग देशों में टूट गया। अब देश कौन-कौन से थे, एक बार जरा इन पर नजर डाल लेते हैं सबसे पहले और सबसे बड़ा भाग बना- रूस इस्टोनिया लातविया  लिथुआनिया  बेलारूस  यूक्रेन  माल्टोवा  जॉर्जिया  आर्मेनिया  अज़रबैजान  कजाकिस्तान  उज़्बेकिस्तान  तुर्कमेनिस्तान  किर्गिस्तान  और ताजिकिस्तान अगर आप मैप को समझ पा रहे हैं तो आप देखेंगे कि छठे नंबर का जो देश है वह है यूक्रेन। और यूक्रेन भौगोलिक दृष्टि से रूस से टूटकर बनने वाला वह देश है जो आधा यूरोप में आता है और आधा एशिया में आता है। यूरोप में आने वाले सभी देशों को यूरोपीय संघ एवं नाटो की सदस्यता प्राप्त करने के योग्य होते हैं। NA...